Lucknow में विदेशी भी देखने आते हैं सदियों पुराना आम का पेड़, आज भी लग रहे हैं फल
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में एक ऐसा आम का पेड़ है जिसे देखने दुनिया भर से लोग आते हैं। इसे ‘मदर दशहरी’ पेड़ कहा जाता है और यह अपनी उम्र और स्वाद के लिए मशहूर है। इस पेड़ की खासि
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में एक ऐसा आम का पेड़ है जिसे देखने दुनिया भर से लोग आते हैं। इसे ‘मदर दशहरी’ पेड़ कहा जाता है और यह अपनी उम्र और स्वाद के लिए मशहूर है। इस पेड़ की खासियत यह है कि यह आज भी फल दे रहा है और इसे दुनिया भर के दशहरी आमों की जननी माना जाता है।
यह ऐतिहासिक पेड़ लखनऊ जिले के ककोरी के पास स्थित दशहरी गांव में है। हालांकि कुछ जगहों पर इसे 500 साल पुराना बताया जाता है, लेकिन रिसर्च के मुताबिक इसकी असल उम्र 185 से 300 साल के बीच है। यह पेड़ नवाब सैयद अनसर जैदी साहब के परिवार के पास है। कहा जाता है कि दुनिया में जितने भी दशहरी आम के पेड़ हैं, वे इसी एक पेड़ की कलम से तैयार किए गए हैं।
इस पेड़ की अहमियत इतनी ज्यादा है कि विदेशी पर्यटक भी इसे देखने मलिहाबाद पहुंचते हैं। स्थानीय लोग और परिवार इस पेड़ की पूजा भी करते हैं। लखनऊ को ‘वर्ल्ड मैंगो कैपिटल’ बनाने की कोशिशें चल रही हैं, जिसमें इस पेड़ की बड़ी भूमिका है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH) के वैज्ञानिकों ने भी इस पेड़ का अध्ययन किया है और इसके सैंपल इकट्ठे किए हैं।
मलिहाबादी दशहरी आम को साल 2008 में GI टैग मिल चुका है, जो इसकी शुद्धता और इलाके की पहचान को पक्का करता है। इसके अलावा मलिहाबाद के हाजी कलीम उल्लाह खान, जिन्हें ‘मैंगो मैन’ कहा जाता है, उन्होंने भी एक ही पेड़ पर आम की 300 से ज्यादा किस्में उगाकर दुनिया को हैरान किया है। उत्तर प्रदेश सरकार और बागवानी विभाग अब इन आमों को विदेशों में भेजने और पर्यटन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।