Lucknow में मोहर्रम की तैयारियां अंतिम चरण में, रूमी गेट से हटाए गए स्टोन पिलर
Lucknow: राजधानी लखनऊ में मोहर्रम को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। आज भारत समेत लखनऊ में चांद देखा जाएगा, जिसके आधार पर मोहर्रम की तारीख तय होगी। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए है
Lucknow: राजधानी लखनऊ में मोहर्रम को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। आज भारत समेत लखनऊ में चांद देखा जाएगा, जिसके आधार पर मोहर्रम की तारीख तय होगी। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं और रूमी गेट के सामने से स्टोन पिलर हटा दिए गए हैं ताकि जुलूस के रास्ते में कोई रुकावट न आए।
चांद दिखने की स्थिति के अनुसार, अगर आज चांद दिख जाता है तो मोहर्रम बुधवार, 17 जून 2026 से शुरू होगा और यौम-ए-अशूरा शुक्रवार, 26 जून को मनाया जाएगा। यदि आज चांद नहीं दिखा, तो मोहर्रम गुरुवार, 18 जून से शुरू होगा और अशूरा शनिवार, 27 जून को होगा। सऊदी अरब और अन्य अरब देशों में सोमवार को चांद दिखने के बाद मोहर्रम 16 जून से ही शुरू हो गया है।
शहर में ताजिया और अलम बनाने वाले कारीगर तेजी से काम कर रहे हैं क्योंकि इस बार मांग काफी ज्यादा है। लखनऊ पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों और प्रबंधन के साथ बैठक की है ताकि सुरक्षा, जुलूस के रास्तों और साफ-सफाई का उचित प्रबंधन हो सके। इस शांति बैठक में सुरक्षा इंतजामों पर विस्तार से चर्चा हुई।
DCP ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों को चेतावनी दी है और लोगों से गलत जानकारियों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने समुदाय से सरकारी गाइडलाइन्स का पालन करने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि पारंपरिक जुलूस पहले की तरह ही निकलेंगे और इसमें कोई नया नियम या बदलाव नहीं किया गया है।
रूमी गेट के पास ASI द्वारा मरम्मत कार्य के कारण पहले स्टोन पिलर लगाए गए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है ताकि पारंपरिक रास्तों से जुलूस आसानी से निकल सके। इससे पहले मई 2026 में उलेमाओं ने रूमी गेट के पास प्रस्तावित फूड स्ट्रीट और पार्किंग का विरोध किया था क्योंकि इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने की आशंका थी।