Lucknow में प्रार्थना की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण रैकेट, पास्टर समेत 7 गिरफ्तार

Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके के देबरिया भरसवा गांव में प्रार्थना सभा के नाम पर पिछले 20 सालों से चल रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी सम

Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके के देबरिया भरसवा गांव में प्रार्थना सभा के नाम पर पिछले 20 सालों से चल रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने इन गतिविधियों के खिलाफ हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस के मुताबिक, यह रैकेट बहुत ही शातिर तरीके से काम कर रहा था। इसमें तमिलनाडु के रहने वाले पास्टर डेनियल (असली नाम बाला सुब्रमण्यम) और उसकी पत्नी सुबला मुख्य भूमिका में थे। ये लोग गांव के उन परिवारों को निशाना बनाते थे जो बीमार थे या जिनके पास संतान नहीं थी। उन्हें इलाज, संतान प्राप्ति और आर्थिक मदद का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। कुछ लोगों को नौकरी और शादी कराने का झांसा भी दिया गया था।

जांच में पता चला है कि इस काम के लिए तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित FGPC Church से डेनियल को हर महीने 2 से 3 लाख रुपये की फंडिंग मिल रही थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से धार्मिक साहित्य, धर्मांतरण की बुकलेट, बैंक स्टेटमेंट और एक डायरी बरामद की है। इस डायरी में उन लोगों के नाम और रिकॉर्ड दर्ज हैं जिन्हें आर्थिक मदद दी गई थी। पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी भी जब्त की है।

एडीसीपी साउथ रल्लापल्ली बसंत कुमार और मोहनलालगंज इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि पुलिस ने अब तक 15 पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के तार सुल्तानपुर और वाराणसी जैसे अन्य जिलों में भी तलाश रही है ताकि नेटवर्क के पूरे विस्तार का पता लगाया जा सके।