Lucknow में गरीबी दूर करने का झांसा देकर कराते थे धर्म परिवर्तन, तमिलनाडु के पादरी समेत 7 गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये लोग गरीब ग्रामीणों को आर्थिक मदद और बीमारी के इलाज का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेर
Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये लोग गरीब ग्रामीणों को आर्थिक मदद और बीमारी के इलाज का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। मामला तब खुला जब भरसवा गांव के लोगों ने इस बात का विरोध किया और पुलिस को सूचना दी।
घटनाक्रम के मुताबिक, 22 जुलाई 2026 की रात भरसवा गांव में ग्रामीणों ने मतांतरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई की और तमिलनाडु से आए पांच लोगों समेत कुल सात आरोपितों को हिरासत में लिया। शुक्रवार, 24 जुलाई को इन सभी को कोर्ट के जरिए जेल भेज दिया गया। पकड़े गए लोगों में मुख्य आरोपी डेनियल है, जो तमिलनाडु का पादरी है और बचपन में उसका नाम बाला सुब्रह्मण्यम था। उसके साथ उसकी पत्नी सुबला, चंद्रभान, आरती, सीमा, शीला और अजय रावत भी शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से एक बोलेरो गाड़ी, कुछ धार्मिक किताबें, मतांतरण से जुड़ी बुकलेट और बैंक स्टेटमेंट की कॉपियां बरामद की हैं। मोहनलालगंज के इंस्पेक्टर रामबाबू ने बताया कि ये लोग लोगों को संतान प्राप्ति, आर्थिक सहायता और शादी में मदद का झांसा देते थे। जो लोग उनकी बात नहीं मानते थे, उन पर मानसिक दबाव भी बनाया जाता था।
| आरोपी का नाम | विवरण/भूमिका |
|---|---|
| डेनियल | मुख्य आरोपी, तमिलनाडु का पादरी |
| सुबला | डेनियल की पत्नी |
| चंद्रभान और आरती | स्थानीय मददगार और सहयोगी |
| सीमा, शीला, अजय रावत | गिरोह के सदस्य |
एडीसीपी आर. वसंत कुमार और डीसीपी दक्षिण मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 351(2) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपितों के बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस पूरे नेटवर्क को बाहर से कोई फंडिंग मिल रही थी या नहीं। मुख्य आरोपी डेनियल ने पूछताछ में बताया कि वह 1998 में तमिलनाडु से लखनऊ आया था और उसे धर्म प्रचार के लिए आर्थिक मदद मिलती थी।