Lucknow में नाबालिग लड़कियों को राजस्थान बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया, कोटा से सरगना दंपति गिरफ्तार
Lucknow/Mohanlalganj: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट के जरिए गरीब और बेसहारा बच्चियों को निशाना बनाय
Lucknow/Mohanlalganj: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट के जरिए गरीब और बेसहारा बच्चियों को निशाना बनाया जाता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना और उसके पति को राजस्थान के कोटा जिले से गिरफ्तार किया है।
यह पूरा मामला 12 मई 2026 को शुरू हुआ जब गनीहार गांव से 16 और 12 साल की दो बहनें अचानक लापता हो गईं। उनकी दादी कमलेशा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कड़ी मेहनत करते हुए 18 मई को दोनों लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और 3 जून को अतरौली क्रॉसिंग के पास से अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर, प्रिया पटेल उर्फ शीला और एक नाबालिग को पकड़ा गया। इनमें प्रिया पटेल रायबरेली की रहने वाली थी और वह लड़कियों को भर्ती करने का काम करती थी।
डीसीपी (लखनऊ दक्षिण) अमित कुमार आनंद ने बताया कि पुलिस ने करीब 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल डेटा व व्हाट्सएप चैट की जांच की। इस तकनीकी जांच की मदद से गिरोह के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सका। 12 जून को पुलिस ने राजस्थान के कोटा जिले के बंबोरी गांव से सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया।
जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि मुख्य आरोपी सोनम खुद इस अपराध का शिकार रही थी। उसे 2017 में महज 15 साल की उम्र में 50,000 रुपये में बेच दिया गया था, जिसके बाद वह खुद इस रैकेट का हिस्सा बन गई। उसने 2018 में बिहार से यह काम शुरू किया और बाद में इसे उत्तर प्रदेश तक फैला दिया।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लड़कियों की तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए राजस्थान भेजता था। एक लड़की का सौदा 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक में तय होता था। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन और चैट के जरिए यह पता लगा रही है कि अब तक कितनी और लड़कियां इस गिरोह का शिकार हुई हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है।