Lucknow में फर्जी आधार कार्ड से जमीन रजिस्ट्री का बड़ा खेल, मोहनलालगंज से आरोपी गिरफ्तार

Lucknow: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ जालसाजों ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की जमीन की हेराफेरी की। पुलिस ने इस मामले में आजमगढ़

Lucknow: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ जालसाजों ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की जमीन की हेराफेरी की। पुलिस ने इस मामले में आजमगढ़ के रहने वाले हरि लाल को गिरफ्तार किया है, जिसने किसान बनकर फर्जी रजिस्ट्री करवाई थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरि लाल ने सुरेश कुमार नाम के एक किसान की पहचान चुराई और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिसेंडी इलाके में करीब 1.5 करोड़ रुपये की कृषि भूमि की फर्जी सेल डीड तैयार की। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने छह फर्जी कागजों पर दस्तखत किए, जिसके बदले उसे सिर्फ 15 हजार रुपये मिले थे। इस पूरे खेल में पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल, उनके बेटे अमन जायसवाल, सन्नो खान और मोहम्मद इजहार खान समेत कई अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

मोहनलालगंज में यह पहली बार नहीं हुआ है। पुलिस ने एक और मामले का खुलासा किया जहाँ सालों पहले लापता हुए व्यक्ति की जमीन को बार-बार फर्जी आधार कार्ड बनवाकर बेचा गया। इसके अलावा, एक गैंग ने मृतक अवधराज सिंह की पहचान बताकर भी जमीन बेची थी। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि जालसाज अक्सर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो ड्यूटी की वजह से अपनी जमीन की देखरेख नहीं कर पाते, जैसे सेना और अर्धसैनिक बल के जवान।

जमीन धोखाधड़ी को रोकने के लिए शासन ने 1 फरवरी 2026 से रजिस्ट्री ऑफिस में आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। अब खरीदार, बेचने वाले और गवाहों के फिंगरप्रिंट मैच किए जाते हैं और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए OTP वेरिफिकेशन जरूरी है। पुलिस और यूपी एसटीएफ ने इस क्षेत्र में सक्रिय ‘प्रॉपर्टी किंग’ प्रमोद कुमार उपाध्याय और उसकी कंपनी Infra Vision Pvt Ltd के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है, जिसके पास से करीब 5.78 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।