UP: लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग को पकड़ा है जो भीड़भाड़ वाली जगहों से लोगों के मोबाइल चुराते थे और फिर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे। सोमवार, 8 जून 2026 को पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है
UP: लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग को पकड़ा है जो भीड़भाड़ वाली जगहों से लोगों के मोबाइल चुराते थे और फिर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे। सोमवार, 8 जून 2026 को पुलिस ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी के कई मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किए हैं।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम
यह गैंग भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों के मोबाइल चोरी करता था। इसके बाद वे मोबाइल में पहले से लॉगिन बैंकिंग ऐप्स और सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। आरोपी नई UPI ID बनाकर पीड़ित के लिंक किए गए बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। इस तरीके से वे लोगों की मेहनत की कमाई चोरी कर रहे थे।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
Sairpur पुलिस और DCP North क्राइम यूनिट की टीम ने CCTV फुटेज और मुखबिर की मदद से इस गैंग को किसान पथ पर पकड़ा। पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
| बरामद सामान |
संख्या/मात्रा |
| मोबाइल फोन |
15 |
| SIM कार्ड |
7 |
| ATM कार्ड |
2 |
| नकद राशि |
₹22,260 |
| अन्य |
कार और चार्जर |
सावधानी और सरकारी पोर्टल की जानकारी
ACP BKT विकास के पांडेय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार, आम लोग ‘Suspect Repository’ का उपयोग करके संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक अकाउंट की जांच कर सकते हैं। साथ ही ‘Report Suspect’ सुविधा के जरिए किसी भी संदिग्ध नंबर या सोशल मीडिया हैंडल की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह गैंग मोबाइल चोरी के बाद पैसे कैसे निकालता था?
आरोपी चोरी किए गए फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स और सिम का इस्तेमाल कर नई UPI ID बनाते थे और फिर बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
साइबर अपराध की शिकायत या जांच कहां कर सकते हैं?
नागरिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर ‘Suspect Repository’ से संदिग्ध आईडी की जांच कर सकते हैं और ‘Report Suspect’ विकल्प से शिकायत कर सकते हैं।