UP : लखनऊ पुलिस ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाया है। इस मुहिम के जरिए पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी य
UP : लखनऊ पुलिस ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाया है। इस मुहिम के जरिए पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। इसका मुख्य मकसद महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाना है।
महिला सुरक्षा के लिए कौन से हेल्पलाइन नंबर हैं जरूरी
अभियान के दौरान पुलिस ने महिलाओं को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया ताकि मुसीबत के समय वे तुरंत मदद ले सकें। इनमें 1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्डलाइन), 1930 (साइबर हेल्पलाइन) और 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) शामिल हैं। इन नंबरों के जरिए महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं और तुरंत सहायता पा सकती हैं।
साइबर सुरक्षा और अन्य अधिकारों की दी गई जानकारी
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर गांवों, कस्बों और स्कूलों में चौपालें लगाई गईं। इसमें महिलाओं और छात्राओं को गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में समझाया गया। पुलिस ने विशेष रूप से साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी शेयर न करने जैसी बातों पर जोर दिया ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
क्या है मिशन शक्ति 5.0 अभियान
यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया है। डीजीपी राजीव कृष्णा के आदेशानुसार राज्य के हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ महिला-केंद्रित हेल्प डेस्क काम कर रहे हैं। इस पूरे अभियान में यूपी पुलिस के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास और शिक्षा जैसे 13 विभाग मिलकर काम कर रहे हैं ताकि जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिशन शक्ति 5.0 अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत उन्हें सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर है
साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। पुलिस ने सलाह दी है कि अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और फर्जी लिंक से बचें।