Lucknow में 3 साल में 69 छोटे बच्चे हुए लापता, मानव तस्करी की आशंका से मचा हड़कंप
Lucknow: राजधानी लखनऊ में छोटे बच्चों के गायब होने के मामलों ने अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। साल 2023 से अब तक 2 से 6 साल की उम्र के 69 बच्चे लापता हुए हैं। इनमें से कई मामले एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTC
Lucknow: राजधानी लखनऊ में छोटे बच्चों के गायब होने के मामलों ने अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। साल 2023 से अब तक 2 से 6 साल की उम्र के 69 बच्चे लापता हुए हैं। इनमें से कई मामले एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTC) तक पहुंचे हैं, जिससे शहर में मानव तस्करी का खतरा मंडराने लगा है।
पुलिस के मुताबिक इस साल जनवरी से जुलाई के बीच AHTC ने 15 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया है, लेकिन अभी भी 24 बच्चों की तलाश जारी है। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि कई बार स्थानीय थानों की लापरवाही की वजह से जांच में देरी होती है और जब तक मामला AHTC तक पहुंचता है, तब तक काफी समय निकल चुका होता है।
AHTC के सामने सबसे बड़ी चुनौती छोटे बच्चों की पहचान करना है। अधिकारियों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ बच्चों के चेहरे और रंग-रूप में बदलाव आ जाता है, जिससे उन्हें ढूंढना मुश्किल होता है। वहीं कुछ किशोर अपनी पहचान और पता बदल लेते हैं। सेल में कर्मचारियों की भारी कमी है, जहां केवल एक इंस्पेक्टर और 10 उपनिरीक्षक जैसे गिने-चुने पुलिसकर्मी तैनात हैं।
बच्चों की गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी की आशंका जताई जा रही है। कुछ बच्चों को मजदूरी के लिए और कुछ लड़कियों को देह व्यापार या जबरन शादी के लिए बेचने के मामले सामने आए हैं। हाल ही में जुलाई 2026 में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा जो बच्चों को 2.5 लाख रुपये में बेचता था। इससे पहले फरवरी 2025 में भी एक गिरोह पकड़ा गया था जो लड़कों को 5 लाख और लड़कियों को 3 लाख रुपये में बेचता था। इस मामले में एक डॉक्टर समेत 6 लोग गिरफ्तार हुए थे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने भी इस मुद्दे पर सख्ती दिखाई है। जून 2026 में कोर्ट ने 34 नाबालिग बच्चियों के लापता होने पर संज्ञान लिया और पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।