UP : लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए वसंतकुंज में एक आधुनिक ग्रीन डिपो बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने इसके निर्माण का ठेका GHV India प्राइवेट लिमिटेड को 127 करोड़ रुपये में दिया है। य
UP : लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए वसंतकुंज में एक आधुनिक ग्रीन डिपो बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने इसके निर्माण का ठेका GHV India प्राइवेट लिमिटेड को 127 करोड़ रुपये में दिया है। यह डिपो मेट्रो ट्रेनों की देखरेख और उनके रखरखाव का मुख्य केंद्र होगा, जिससे शहर की मेट्रो सेवा और बेहतर होगी।
ग्रीन डिपो की खासियतें क्या होंगी?
इस डिपो को पर्यावरण का ख्याल रखते हुए बनाया जा रहा है। इसमें सोलर पावर यूनिट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही, पानी की बर्बादी रोकने के लिए जीरो डिस्चार्ज सुविधा और डुअल प्लंबिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह पूरी तरह से एक ईको-फ्रेंडली प्रोजेक्ट होगा।
ट्रेनों के रखरखाव के लिए कौन सी मशीनें लगेंगी?
ट्रेनों की मरम्मत और सफाई के लिए यहाँ दुनिया की आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें पहियों के लिए पिट व्हील लेथ मशीन, कोच उठाने के लिए ऑटोमैटिक जैक मशीनें और सफाई के लिए ऑटोमैटिक वॉशिंग प्लांट शामिल होंगे। तकनीकी खराबी आने पर कोच को तुरंत ठीक करने के लिए रेस्क्यू व्हीकल्स भी तैनात रहेंगे।
प्रोजेक्ट की लागत और मंजूरी की जानकारी
इस पूरे कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) की कुल लागत 5801.05 करोड़ रुपये है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 50-50 प्रतिशत खर्च करेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 18 मई 2026 को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। यह डिपो लखनऊ के मौजूदा ट्रांसपोर्ट नगर डिपो की तरह ही हाई-टेक होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वसंतकुंज मेट्रो डिपो का निर्माण कौन सी कंपनी कर रही है?
इस डिपो के निर्माण का ठेका GHV India प्राइवेट लिमिटेड को मिला है, जिसे 127 करोड़ रुपये की लागत से यह काम सौंपा गया है।
यह ग्रीन डिपो पर्यावरण के लिए कैसे फायदेमंद है?
इसमें सोलर पावर यूनिट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और जीरो डिस्चार्ज सुविधा होगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और पानी का सही इस्तेमाल हो सकेगा।