Lucknow को तोहफ़ा, अब जमीन से 100 फीट नीचे दौड़ेगी मेट्रो, चारबाग से वसंत कुंज तक का सफर होगा आसान

Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब और भी दिलचस्प होने वाला है। शहर में बनने वाले सेकंड कॉरिडोर में पहली बार मेट्रो जमीन से करीब 100 फीट नीचे चलेगी। यह प्रोजेक्ट चारबाग से वसंत कुंज के बीच बनेगा, जिससे

Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब और भी दिलचस्प होने वाला है। शहर में बनने वाले सेकंड कॉरिडोर में पहली बार मेट्रो जमीन से करीब 100 फीट नीचे चलेगी। यह प्रोजेक्ट चारबाग से वसंत कुंज के बीच बनेगा, जिससे शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यात्रा करना बहुत आसान हो जाएगा।

UPMRC के मुताबिक, इस कॉरिडोर को ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर या ब्लू लाइन के नाम से जाना जाता है। इसकी कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर है। इसमें से 6.879 किलोमीटर का हिस्सा जमीन के नीचे होगा और 4.286 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड यानी पुल पर बनेगा। मेट्रो को इतना गहरा इसलिए ले जाया जा रहा है क्योंकि जमीन के ऊपरी हिस्सों में पुराने नाले, सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइनें मौजूद हैं।

इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 5,801 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में इसे मंजूरी दे दी थी और मई 2026 में राज्य सरकार और केंद्र के बीच हुए समझौते के बाद अब विदेशी फंडिंग का रास्ता साफ हो गया है।

विवरण जानकारी
कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर
अंडरग्राउंड सेक्शन 6.879 किलोमीटर (7 स्टेशन)
एलिवेटेड सेक्शन 4.286 किलोमीटर (5 स्टेशन)
अंडरग्राउंड स्टेशन चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा, चौक
कुल अनुमानित लागत 5,801 करोड़ रुपये
काम शुरू होने का समय जुलाई 2026
संभावित पूरा होने का समय जून 2027 (संशोधित DPR के अनुसार)

हाल ही में जुलाई 2026 में इसके लिए टेंडर भी जारी किए गए हैं। अंडरग्राउंड सेक्शन और सात स्टेशनों के निर्माण के लिए 1,878 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है, जिसकी तकनीकी बिड 28 जुलाई 2026 को खुलेगी। वहीं, ठाकुरगंज से वसंत कुंज के बीच एलिवेटेड स्टेशनों के लिए रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, जिसका काम 24 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। मेट्रो चलाने के लिए 45 नए कोच खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।