UP: लखनऊ के लोगों के लिए अच्छी खबर है। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) जल्द ही वसंतकुंज में एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल डिपो बनाने जा रहा है। यह लखनऊ मेट्रो का पहला ‘ग्रीन डिपो’ होगा, जिसे खास तौर पर प
UP: लखनऊ के लोगों के लिए अच्छी खबर है। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) जल्द ही वसंतकुंज में एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल डिपो बनाने जा रहा है। यह लखनऊ मेट्रो का पहला ‘ग्रीन डिपो’ होगा, जिसे खास तौर पर प्रकृति को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस डिपो का मुख्य मकसद पानी की बर्बादी को रोकना और मेट्रो के रखरखाव को और बेहतर बनाना है।
वसंतकुंज ग्रीन डिपो की खास बातें क्या हैं?
इस डिपो में ‘जीरो डिस्चार्ज’ सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे परिसर का एक भी बूंद गंदा पानी बाहर नहीं जाएगा। इसके लिए अलग-अलग पाइपलाइनों का जाल बिछाया जाएगा ताकि साफ और रीसायकल किए गए पानी का इस्तेमाल अलग-अलग कामों में हो सके। साथ ही, गंदे पानी को साफ करने के लिए STP और ETP प्लांट को एक ही यूनिट में जोड़ा जाएगा, जिससे पानी को दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। यहाँ ट्रेनों की सफाई के लिए ऑटोमैटिक वॉशिंग प्लांट और आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी।
प्रोजेक्ट का बजट और निर्माण की जानकारी
वसंतकुंज डिपो का सिविल काम हैदराबाद की कंपनी GHV (India) Private Limited को मिला है। इस काम के लिए करीब 127 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। यह डिपो लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का हिस्सा है, जो चारबाग से वसंतकुंज तक 11.165 किलोमीटर लंबा होगा। इस पूरे कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल लागत 5,801.05 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| कुल कॉरिडोर लंबाई |
11.165 किलोमीटर |
| प्रोजेक्ट लागत |
₹5,801.05 करोड़ |
| डिपो निर्माण लागत |
लगभग ₹127 करोड़ |
| निर्माण कंपनी |
GHV (India) Private Limited |
| कुल जमीन |
लगभग 40 एकड़ (सेक्टर-A, वसंतकुंज) |
| लोन प्रदाता |
New Development Bank (NDB) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
वसंतकुंज ग्रीन डिपो में पानी का प्रबंधन कैसे होगा?
यहाँ ‘जीरो डिस्चार्ज’ सिस्टम होगा। STP और ETP प्लांट के जरिए गंदे पानी को साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा और ड्यूल प्लंबिंग नेटवर्क से साफ और रीसायकल पानी को अलग रखा जाएगा।
लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का रूट क्या है?
यह कॉरिडोर चारबाग से वसंतकुंज तक जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर है और इसकी कुल लागत ₹5,801.05 करोड़ है।