Lucknow में मेयर के खिलाफ BJP पार्षदों की बगावत, विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाकर दी पार्टी छोड़ने की धमकी
Lucknow : लखनऊ नगर निगम में मेयर सुषमा खर्कवाल और भाजपा पार्षदों के बीच विवाद गहरा गया है। करीब 32 से 36 भाजपा पार्षद मेयर पर बजट आवंटन में पक्षपात करने का आरोप लगा रहे हैं। नाराज पार्षदों का कहना है कि मेयर अपने पसंदीदा
Lucknow : लखनऊ नगर निगम में मेयर सुषमा खर्कवाल और भाजपा पार्षदों के बीच विवाद गहरा गया है। करीब 32 से 36 भाजपा पार्षद मेयर पर बजट आवंटन में पक्षपात करने का आरोप लगा रहे हैं। नाराज पार्षदों का कहना है कि मेयर अपने पसंदीदा वार्डों को तो प्राथमिकता दे रही हैं, लेकिन बाकी वार्डों के विकास कार्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस विवाद में फैजुल्लागंज-4 के पार्षद रामू कन्नौजिया ने साफ तौर पर विरोध जताया है। उन्होंने मेयर के समर्थन में हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि पिछले 3 साल में उन्होंने 30 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव दिया था, लेकिन एक भी सड़क नहीं बनी। रामू कन्नौजिया का यह भी कहना है कि मेयर उनके वार्ड का सर्वे करने एक बार भी नहीं आईं।
पार्षदों ने बजट के आंकड़ों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र के 88 वार्डों को केवल 18 करोड़ रुपये मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद आर.के. चौधरी के मोहनलालगंज क्षेत्र के 22 वार्डों में 32 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हुए हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग और अवस्थापना निधि के पैसों से उनके वार्डों को वंचित रखा गया है।
इस मामले को लेकर पार्षदों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे पार्टी छोड़ देंगे। अब पार्षद नगर निगम मुख्यालय पर धरना देने की तैयारी कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, मेयर सुषमा खर्कवाल ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ पार्षद झूठे आरोप लगा रहे हैं और अवस्थापना का बजट अभी आया ही नहीं है। मेयर ने अपने बचाव में कुछ वार्डों के विकास कार्यों की रिपोर्ट भी साझा की है, जिसमें इस्माइलगंज में 36.86 करोड़ रुपये, मौलवीगंज में 13.69 करोड़ रुपये और त्रिवेणीनगर में 13.32 करोड़ रुपये के कार्यों का जिक्र है। उन्होंने कहा कि जब आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट मांगी जाएगी, तब वे अपना विस्तृत पक्ष रखेंगी।
Meanwhile, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्षदों की शिकायतें सुनी हैं और भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में बजट आवंटन में किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं होगा।