UP: लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खर्कवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मेयर के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई वार्ड संख्या-73 फैजुल
UP: लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खर्कवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मेयर के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से जीते समाजवादी पार्टी के पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ न दिलाने के कारण की गई है। अब नगर निगम के कामकाज की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारी और नगर आयुक्त के पास होगी।
हाईकोर्ट ने यह सख्त फैसला क्यों लिया?
दरअसल, चुनाव न्यायाधिकरण ने 19 दिसंबर 2025 को ही प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन रद्द कर ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित घोषित कर दिया था। नगर निगम अधिनियम की धारा-77 के मुताबिक, निर्वाचित प्रतिनिधि को तुरंत शपथ दिलाई जानी चाहिए थी। हाईकोर्ट ने 13 मई 2026 को आदेश दिया था कि एक हफ्ते के भीतर शपथ दिलाई जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस एस.क्यू.एच. रिजवी की पीठ ने गुरुवार को मेयर के अधिकारों को निलंबित करने का आदेश दिया।
अब नगर निगम का कामकाज कौन संभालेगा?
कोर्ट के इस आदेश के बाद मेयर सुषमा खर्कवाल अब कोई प्रशासनिक या वित्तीय फैसला नहीं ले पाएंगी। जब तक ललित किशोर तिवारी को पार्षद के रूप में शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक नगर निगम की कमान जिलाधिकारी और नगर आयुक्त के हाथ में रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को होनी है। इस बीच, पूर्व पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली थी, जिसके बाद यह रास्ता साफ हो गया।
मेयर सुषमा खर्कवाल का क्या कहना है?
इस पूरे मामले के बीच मेयर सुषमा खर्कवाल को तबीयत खराब होने के कारण कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी कोर्ट के आदेश की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, उसका पालन किया जाएगा। दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने इस फैसले को कानून की जीत बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ मेयर के अधिकार क्यों रोके गए?
हाईकोर्ट ने वार्ड 73 के निर्वाचित सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ न दिलाने के कारण मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को फ्रीज कर दिया है।
अब नगर निगम का प्रशासन कौन देखेगा?
कोर्ट के आदेश के बाद अब लखनऊ नगर निगम के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की जिम्मेदारी जिलाधिकारी और नगर आयुक्त संभालेंगे।