UP : लखनऊ के मेयर सुषमा खर्कवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मेयर के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को फ्रीज कर दिया है। यह बड़ा फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कोर्ट के आदेश के बावजूद सपा प
UP : लखनऊ के मेयर सुषमा खर्कवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मेयर के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को फ्रीज कर दिया है। यह बड़ा फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कोर्ट के आदेश के बावजूद सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को पिछले पांच महीनों से शपथ नहीं दिलाई गई थी। अब जब तक ललित तिवारी शपथ नहीं ले लेते, मेयर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी।
क्या है पूरा मामला और क्यों लिया गया यह एक्शन?
मामला फैजुल्लागंज के वार्ड नंबर 73 से जुड़ा है। दिसंबर 2025 में चुनाव ट्रिब्यूनल ने बीजेपी उम्मीदवार प्रदीप कुमार शुक्ला का चुनाव रद्द कर दिया था और सपा के ललित किशोर तिवारी को विजयी घोषित किया था। इसके बाद ललित तिवारी ने शपथ लेने की कोशिश की, लेकिन पांच महीने तक उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। हाईकोर्ट ने 13 मई 2026 को आदेश दिया था कि एक हफ्ते के भीतर शपथ दिलाई जाए, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं हुआ। इसी वजह से कोर्ट ने मेयर की पावर छीन ली है।
अब नगर निगम का कामकाज कौन संभालेगा?
कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि जब तक शपथ की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार निलंबित रहेंगे। इस बीच लखनऊ नगर निगम के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त को सौंपी गई है। कोर्ट ने माना कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को लंबे समय तक शपथ से वंचित रखना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को होगी।
ललित तिवारी के दावे और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी ने बताया कि उन्हें बीजेपी में शामिल होने का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने अपने उसूलों की वजह से इसे ठुकरा दिया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि मेयर का यह दौर अब खत्म हो रहा है। गौरतलब है कि मेयर सुषमा खर्कवाल 21 मई को बीमार थीं और अस्पताल में भर्ती थीं, जिसके बाद कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेयर की पावर क्यों फ्रीज की गई?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी वार्ड 73 के निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को पांच महीने तक शपथ नहीं दिलाई गई, जिसके कारण कोर्ट ने मेयर सुषमा खर्कवाल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार फ्रीज कर दिए।
अब लखनऊ नगर निगम का संचालन कौन करेगा?
हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, जब तक शपथ प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त नगर निगम के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की देखरेख करेंगे।