Lucknow: मैंगो महाकुंभ में मलिहाबाद का जलवा, 800 प्रजातियों के बीच अवध नर्सरी ने जीते सबसे ज्यादा अवॉर्ड
Lucknow: राजधानी के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिनों तक चला ‘उत्तर प्रदेश मैंगो फेस्टिवल 2026’ यानी मैंगो महाकुंभ 5 जुलाई को संपन्न हो गया। इस मेले में आम की 800 अलग-अलग प्रजातियों का प्र
Lucknow: राजधानी के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिनों तक चला ‘उत्तर प्रदेश मैंगो फेस्टिवल 2026’ यानी मैंगो महाकुंभ 5 जुलाई को संपन्न हो गया। इस मेले में आम की 800 अलग-अलग प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मलिहाबाद के बागवानों का दबदबा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उत्सव का उद्घाटन किया था, जिसका मुख्य मकसद किसानों को उनके आम की बेहतर कीमत दिलाना और बाजार तक सीधी पहुंच बनाना था।
इस महाकुंभ में मलिहाबाद की अवध नर्सरी के मोहम्मद इकबाल अहमद सबसे सफल प्रदर्शक रहे, जिन्होंने चौसा किस्म के आमों सहित कुल 20 पुरस्कार अपने नाम किए। उत्सव के आखिरी दिन कुल 180 विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने 7 श्रेणियों और 56 क्लास में 147 अवॉर्ड बांटे। इस बार मेले में पिछले साल के मुकाबले 6 प्रतिशत ज्यादा रौनक दिखी, जहां 1501 प्रतिभागियों ने आम की 800 प्रजातियों के 3032 सैंपल पेश किए।
बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विभाग किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए नए प्रयोग कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि आधुनिक तकनीक और एक्सपोर्ट प्रमोशन की वजह से यूपी के आम अब दुनिया के 30 से ज्यादा देशों में पहुंच रहे हैं। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद कार्गो प्लेन की सुविधा मिलेगी, जिससे विदेशों में आम भेजना सस्ता होगा और किसानों को सीधा ग्लोबल मार्केट मिलेगा।
मेले के दौरान किसानों के लिए कई खास इंतजाम किए गए थे। 4 जुलाई को ‘जन भवन’ में एक बायर-सेलर कॉन्फ्रेंस हुई, ताकि किसान सीधे खरीदारों और निर्यातकों से जुड़ सकें। इसके अलावा बागवानों को कीट नियंत्रण और मार्केटिंग के गुर सिखाने के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की गईं। सरकार ने पुराने बागों के प्रबंधन के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी और करीब 1.50 करोड़ फ्रूट बैग्स भी उपलब्ध कराए हैं।
उत्तर प्रदेश फिलहाल भारत का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है। राज्य के 3.27 लाख हेक्टेयर इलाके में सालाना 61.96 लाख मीट्रिक टन आम पैदा होते हैं, जो देश के कुल उत्पादन का 26.22 प्रतिशत है। आमों के निर्यात को बढ़ाने के लिए लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में मॉडर्न पैक हाउस बनाए गए हैं और जेवर एयरपोर्ट के पास एक अत्याधुनिक टेस्टिंग सेंटर भी तैयार किया जा रहा है।