UP: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कला इलाके में एक पुराने ढांचे को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद बढ़ गया है। बकरीद से पहले यहां नमाज पढ़ने और हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ते दे
UP: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कला इलाके में एक पुराने ढांचे को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद बढ़ गया है। बकरीद से पहले यहां नमाज पढ़ने और हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और विवादित स्थल पर सभी तरह की धार्मिक गतिविधियों को बंद करवा दिया है।
विवाद की असल वजह क्या है और कौन क्या दावा कर रहा है?
यह पूरा विवाद एक ऐतिहासिक ढांचे की दावेदारी को लेकर है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह जगह सालों पुरानी मस्जिद और कब्रिस्तान है। दूसरी तरफ पासी समाज और लाखन आर्मी का दावा है कि यह राजा कंस पासी का किला और शिव मंदिर है। पासी समाज की मांग है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इस स्थल की जांच करे। इस बीच हिंदू संगठनों ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे तनाव और बढ़ गया।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
उपजिलाधिकारी मलिहाबाद अंकित मौर्या ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अगले आदेश तक यहां न तो नमाज होगी और न ही पूजा। आगामी बकरीद पर भी इस परिसर में नमाज पढ़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और सोशल मीडिया पर अफवाहों पर नजर रखी जा रही है। तनाव कम करने के लिए कुछ हिंदू नेताओं को हाउस अरेस्ट भी किया गया और पूरे इलाके को छावनी बना दिया गया है।
अब तक क्या-क्या घटनाएं हुईं?
- 23 मई के करीब सैकड़ों लोग नमाज पढ़ने पहुंचे, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने हनुमान चालीसा की मांग की।
- 25 मई को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन हुआ, जिसमें पुलिस ने लाखन आर्मी के 15 सदस्यों पर केस दर्ज किया।
- 26 और 27 मई को हिंदू संगठनों ने बैरिकेडिंग पार कर परिसर के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया।
- संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मलिहाबाद के विवादित स्थल पर अभी क्या स्थिति है?
प्रशासन ने विवादित ढांचे में सभी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। वहां भारी पुलिस बल और PAC तैनात है ताकि कोई भी पक्ष वहां न जा सके।
क्या बकरीद पर वहां नमाज पढ़ी जा सकेगी?
नहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी बकरीद पर विवादित परिसर में नमाज पढ़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।