Lucknow: उत्तर प्रदेश में होने वाली अगली जनगणना को सही तरीके से पूरा करने के लिए लखनऊ के माल विकास खंड में विशेष तैयारी शुरू हो गई है। 8 मई 2026 को खंड विकास अधिकारी Sarjana Shukla के आदेश पर सभी ग्राम पंचायतों में ̵
Lucknow: उत्तर प्रदेश में होने वाली अगली जनगणना को सही तरीके से पूरा करने के लिए लखनऊ के माल विकास खंड में विशेष तैयारी शुरू हो गई है। 8 मई 2026 को खंड विकास अधिकारी Sarjana Shukla के आदेश पर सभी ग्राम पंचायतों में ‘जनगणना चौपाल’ लगाई गई। इसका मकसद गांव के लोगों को जनगणना की प्रक्रिया समझाना और इसे सफल बनाना है।
डिजिटल जनगणना कैसे होगी और क्या है पूरा शेड्यूल
यूपी में 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 7 मई 2026 को लखनऊ में डिजिटल सेल्फ-एन्युमरेशन (स्व-गणना) के पहले चरण की शुरुआत की। आम लोग 7 मई से 21 मई 2026 तक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। इसके बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर लिस्ट बनाएंगे और वेरिफिकेशन करेंगे।
जातिगत गणना और जरूरी नियम क्या हैं
इस बार की जनगणना में पहली बार जाति-आधारित गणना की जाएगी और इसमें वन गांवों को भी शामिल किया जाएगा। फरवरी 2027 में व्यक्तियों की गिनती और जाति-धर्म का डेटा इकट्ठा किया जाएगा, जबकि अंतिम गणना तिथि 1 मार्च 2027 तय की गई है। जो लोग ऑनलाइन जानकारी भरेंगे, उन्हें 11 अंकों की SE-ID मिलेगी, जिसे वेरिफिकेशन के समय दिखाना होगा।
सावधान रहें और सही जानकारी दें
प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना कर्मी आपसे कभी भी OTP नहीं मांगेंगे। अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या जानकारी देने से मना करता है, तो उसे 1000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए राज्य में करीब 5.25 से 6 लाख अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ऑनलाइन जनगणना की जानकारी कहाँ और कब तक भर सकते हैं?
नागरिक 7 मई से 21 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी डिजिटल तरीके से भर सकते हैं।
जनगणना में गलत जानकारी देने पर क्या होगा?
जनगणना के दौरान गलत जानकारी देने या जानकारी देने से इनकार करने पर 1000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।