Lucknow में नमामि गंगे थीम पर संवरेगा प्रमुख चौराहा, सोलर लाइट और रिसाइकिल पानी से होगा सौंदर्यीकरण

Lucknow: राजधानी लखनऊ के किसी एक बड़े और प्रमुख चौराहे का चेहरा अब बदलने वाला है। राज्य मिशन फॉर क्लीन गंगा (SMCG) ने शहर के एक मुख्य चौराहे को नमामि गंगे थीम पर विकसित करने की योजना बनाई है। इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ स

Lucknow: राजधानी लखनऊ के किसी एक बड़े और प्रमुख चौराहे का चेहरा अब बदलने वाला है। राज्य मिशन फॉर क्लीन गंगा (SMCG) ने शहर के एक मुख्य चौराहे को नमामि गंगे थीम पर विकसित करने की योजना बनाई है। इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ सड़क का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण और नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है।

परियोजना निदेशक जोगेंद्र सिंह ने इस संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और नगर निगम को पत्र लिखकर शहर के एक उपयुक्त चौराहे की पहचान करने और उसका प्रस्ताव भेजने को कहा है। इस चौराहे को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यह केवल ट्रैफिक का केंद्र न रहकर भारतीय सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण जागरूकता का प्रतीक बने। यहाँ सोलर लाइटिंग लगाई जाएगी और पानी के इस्तेमाल के लिए रिसाइकिल पानी का उपयोग किया जाएगा।

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर काम चल रहा है। राज्य को सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 16,201 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। परियोजना निदेशक जोगेंद्र सिंह के अनुसार, राज्य भर में 74 सीवेज उपचार परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 41 पूरी हो चुकी हैं। वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ के लिए एक विस्तृत कार्य योजना पर काम चल रहा है।

इससे पहले उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया था कि नमामि गंगे के प्रयासों से गंगा का पानी अब स्नान के साथ-साथ पीने योग्य भी हो गया है। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की 2025 की रिपोर्ट में भी गंगा के स्वास्थ्य में सुधार की बात कही गई है। लखनऊ में गोमती नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए भी सीवेज ट्रीटमेंट के काम तेजी से चल रहे हैं।