Lucknow के श्री माधव मंदिर में मनाई गई स्नान पूर्णिमा, भगवान जगन्नाथ का हुआ महाभिषेक

Lucknow: राजधानी लखनऊ के डालीगंज इलाके में स्थित श्री माधव मंदिर में सोमवार, 29 जून 2026 को भगवान श्री जगन्नाथ की स्नान पूर्णिमा श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के साथ मनाई गई। इस खास मौके पर भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा औ

Lucknow: राजधानी लखनऊ के डालीगंज इलाके में स्थित श्री माधव मंदिर में सोमवार, 29 जून 2026 को भगवान श्री जगन्नाथ की स्नान पूर्णिमा श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के साथ मनाई गई। इस खास मौके पर भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलदेव का विधि-विधान से महाभिषेक किया गया। मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ का प्राकट्य दिवस यानी जन्मदिन माना जाता है। इस परंपरा को निभाते हुए मंदिर के गर्भगृह से भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मूर्तियों को एक भव्य पहांडी के जरिए स्नान बेदी तक लाया गया। इसके बाद देवताओं को 108 स्वर्ण कलशों में रखे सुगंधित जल, जड़ी-बूटियों और पवित्र जल से स्नान कराया गया।

महास्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 04:06 बजे से 04:46 बजे तक था, जबकि जल बिजे का मुहूर्त सुबह 09:30 से 11:30 बजे तक रहा। स्नान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देवताओं को विशेष गजानन वेश में सजाया गया, जिसमें उन्हें भगवान गणेश के रूप में दिखाया गया।

मान्यता है कि इस भव्य स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा बीमार पड़ जाते हैं, इसलिए वे अगले 15 दिनों के लिए एकांतवास में चले जाते हैं। इस समय को अनासारा या अनवसर काल कहा जाता है और इन दिनों भक्तों को मुख्य मूर्तियों के दर्शन नहीं होते हैं। 15 दिनों के विश्राम और उपचार के बाद 16वें दिन नेत्रोत्सव मनाया जाता है, जिसमें भगवान का श्रृंगार पुरी के राजा की तरह किया जाता है।

द्रिक पंचांग के मुताबिक, साल 2026 में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार से शुरू होगी और यह 24 जुलाई 2026 को समाप्त होगी।