Lucknow में लिप्पन आर्ट कार्यशाला शुरू, नई पीढ़ी को सिखाई जा रही गुजरात की पारंपरिक लोक कला

Lucknow: लखनऊ के आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट में दो दिवसीय लिप्पन आर्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक लोक कला को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ना है। कार्यश

Lucknow: लखनऊ के आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट में दो दिवसीय लिप्पन आर्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक लोक कला को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ना है। कार्यशाला में शामिल लोग मिट्टी और मिरर वर्क के जरिए कलाकृतियां बना रहे हैं।

इस ट्रेनिंग सेशन में प्रतिभागी मिट्टी और उभरे हुए डिजाइन के साथ दर्पणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कला को एक आधुनिक रूप दिया जा रहा है। लिप्पन आर्ट असल में गुजरात की एक प्रसिद्ध शिल्प कला है, जिसमें मिट्टी और कांच के टुकड़ों की मदद से दीवारों पर सुंदर चित्र बनाए जाते हैं। यह कला अपनी जीवंतता और खास आकर्षण के लिए जानी जाती है।

आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट की स्थापना साल 2026 में हुई थी। यह संस्थान ऐसी कला शिक्षा प्रदान करता है जो पुरानी परंपराओं पर आधारित है। संस्थान का मानना है कि इस तरह के अकादमिक प्रशिक्षण से छात्रों को जरूरी कौशल और अनुशासन मिलता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने रचनात्मक रास्ते पर आगे बढ़ पाते हैं।

लखनऊ में लोक कला के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। हाल ही में शहर की लाल बारादरी में लिप्पन आर्ट की प्रदर्शनी लगी थी और ललित कला अकादमी में वरिष्ठ लोक कलाकार ललिता पांडे की 10वीं लोककला प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया था, जहाँ भारतीय लोककला की विभिन्न शैलियों को दिखाया गया था।