Lucknow में LDA के लीज सौदों की होगी जांच, 2000 संपत्तियों के स्टांप शुल्क की फाइलें खुलेंगी
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब उन संपत्तियों की बारीकी से जांच करेगा जिन्हें किराए या लीज पर दिया गया है। निबंधन विभाग को शक है कि कई कॉन्ट्रैक्ट्स में स्टांप शुल्क कम भरा गया है, जिसके बाद अब करीब 2000 संपत्तियो
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब उन संपत्तियों की बारीकी से जांच करेगा जिन्हें किराए या लीज पर दिया गया है। निबंधन विभाग को शक है कि कई कॉन्ट्रैक्ट्स में स्टांप शुल्क कम भरा गया है, जिसके बाद अब करीब 2000 संपत्तियों के कागजों की जांच शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार ने पहले ही सभी विभागों को निर्देश दिए थे कि वे स्टांप शुल्क की देनदारी की नियमित जांच करें। इसी आदेश के बाद LDA को उन सभी संपत्तियों की फाइलें मांगी गई हैं, जिन्हें RFP प्रोसेस के जरिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए प्राइवेट एजेंसियों को सौंपा गया था। अब विभाग यह देखेगा कि कानून के मुताबिक पूरा स्टांप शुल्क जमा किया गया है या नहीं।
आम तौर पर उत्तर प्रदेश में ट्रांजैक्शन वैल्यू का 7% स्टांप शुल्क और 1% रजिस्ट्रेशन फीस लगती है। वहीं, 1 करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी पर महिलाओं को स्टांप शुल्क में 1% की छूट मिलती है। इस जांच का सीधा असर उन प्राइवेट एजेंसियों और लीज होल्डर्स पर पड़ेगा जिन्होंने नियमों की अनदेखी की होगी।
इसके अलावा, लखनऊ नगर निगम ने हाल ही में प्रॉपर्टी म्यूटेशन फीस में बदलाव किया है, जिसमें अधिकतम सीमा 15,000 रुपये तय की गई है। LDA और हाउसिंग डेवलपमेंट विभागों के लिए म्यूटेशन फीस की अधिकतम सीमा 10,000 रुपये रखी गई है।