Lucknow में अब हर घर और दुकान का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, 5 से कम नंबर मिले तो LDA भेजेगा नोटिस
Lucknow: अलीगंज में हुए एल्डिको अपार्टमेंट अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब शहर की इमारतों को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत शहर के करीब आठ लाख घरों और दुकानों का फायर सेफ्टी ऑड
Lucknow: अलीगंज में हुए एल्डिको अपार्टमेंट अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब शहर की इमारतों को सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत शहर के करीब आठ लाख घरों और दुकानों का फायर सेफ्टी ऑडिट होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में आग जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इस पूरे सर्वे के लिए एक निजी एजेंसी तय की जाएगी। सबसे पहले उन कॉलोनियों का ऑडिट होगा जिन्हें LDA ने विकसित किया है, उसके बाद इसे पूरे शहर में फैलाया जाएगा। इस ऑडिट की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा खर्च LDA खुद उठाएगा, जिसमें करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सुरक्षा की जांच के लिए 10 अंकों का एक मार्किंग सिस्टम बनाया गया है। अगर किसी बिल्डिंग को 10 में से 5 से कम नंबर मिलते हैं, तो उसे जोखिमपूर्ण माना जाएगा और मालिक को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही, हर बिल्डिंग के बाहर एक प्लेट लगाई जाएगी, जिससे पता चलेगा कि वह बिल्डिंग आग के लिहाज से कितनी सुरक्षित है या कितनी खतरनाक है।
| ऑडिट के मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| बिजली व्यवस्था | तारों की स्थिति और बिजली का लोड |
| रास्ते की चौड़ाई | आग लगने पर बाहर निकलने का रास्ता और पहुंच मार्ग |
| पानी की उपलब्धता | पास में जल स्रोत और फायर स्टेशन से दूरी |
| बिल्डिंग स्ट्रक्चर | सीढ़ियों की पहुंच और खिड़की-दरवाजों की क्वालिटी |
| AC यूनिट्स | बाहरी यूनिट्स की संख्या और उनका प्लेसमेंट |
| सेटबैक एरिया | इमारत के चारों तरफ खाली जगह की उपलब्धता |
नियमों में बदलाव करते हुए अब लो-राइज घरों को छोड़कर बाकी सभी आवासीय और व्यावसायिक नक्शों के लिए फायर सेफ्टी का नोटरीकृत शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम या कोई और दुकान नहीं चलेगी। 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेट लेना होगा।
इस अभियान के साथ ही सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाई जाएगी ताकि आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। हाल ही में अलीगंज की घटना में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी, हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। अब प्रशासन संभल समेत अन्य इलाकों में भी चेकिंग बढ़ाकर अलर्ट मोड पर है।