Lucknow में रिहायशी मकानों में चल रहे कारोबार पर LDA की नजर, गोपनीय जांच शुरू; हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवासीय मकानों को दुकान या ऑफिस की तरह इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर की रिहायशी कॉलोनियों में गोपनीय जांच शुरू कर द

Lucknow: राजधानी लखनऊ में आवासीय मकानों को दुकान या ऑफिस की तरह इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर की रिहायशी कॉलोनियों में गोपनीय जांच शुरू कर दी है। इस अभियान का मकसद उन संपत्तियों को पकड़ना है जो नक्शे में घर के तौर पर दर्ज हैं लेकिन वहां व्यावसायिक काम चल रहे हैं।

यह पूरी कार्रवाई 24 जुलाई 2026 से शुरू की गई है। LDA की टीम मुख्य रूप से अलीगंज, गोमतीनगर, गोमतीनगर एक्सटेंशन, जानकीपुरम, जानकीपुरम एक्सटेंशन, शारदानगर और LDA कॉलोनी जैसे इलाकों पर फोकस कर रही है। अधिकारियों ने ड्यूटी प्लान तैयार कर लिया है और अब चुपचाप उन मकानों की लिस्ट बनाई जा रही है जहां बिना अनुमति के बिजनेस चलाया जा रहा है, खासकर वहां जहां पार्किंग और फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं हैं।

दरअसल, 22 जून 2026 को अलीगंज में एक बड़ी आग लगी थी जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए थे कि संपत्तियों का इस्तेमाल उनके रजिस्टर्ड उद्देश्य के लिए ही होना चाहिए। इसी के बाद LDA ने अलीगंज वाली बिल्डिंग को अवैध व्यावसायिक निर्माण घोषित कर उसे गिराने का नोटिस दिया था, जिसे मालिक ने नोटिस की अवधि खत्म होने से पहले ही खुद तोड़ना शुरू कर दिया।

LDA के जोनल ऑफिसर (एनफोर्समेंट) देवांश त्रिवेदी ने साफ किया है कि जो लोग अपनी बिल्डिंग को नियमित नहीं कराएंगे या व्यावसायिक इस्तेमाल बंद नहीं करेंगे, उनके खिलाफ UP Urban Planning and Development Act, 1973 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें बिल्डिंग को सील करने से लेकर उसे ढहाने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है। बता दें कि फरवरी 2026 में ही LDA ने करीब 5,000 ऐसी संपत्तियों की पहचान की थी जिनका उपयोग बिना मंजूरी के कमर्शियल तौर पर हो रहा था।

नियमों के मुताबिक, बिल्डिंग बायलॉज 2025 के तहत केवल उन सड़कों पर सीमित मिक्स-यूज की अनुमति है जो कम से कम 24 मीटर चौड़ी हैं और जहां पार्किंग व सुरक्षा के सभी नियम पूरे हों। बड़े व्यावसायिक कामों के लिए अलग से अनुमति लेना जरूरी है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अलीगंज हादसे के मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जांच की जा रही है।