Lucknow में सील हुए कोचिंग सेंटरों के संचालकों ने LDA से लगाई गुहार, दोबारा जांच के बाद खोलने की मांग
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा सील किए गए कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने सोमवार को एलडीए मुख्यालय पहुंचकर अपनी समस्या बताई। संचालकों की मांग है कि उनके संस्थानों की दोबारा जांच की जाए और अगर सुरक्षा मानक पूर
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा सील किए गए कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने सोमवार को एलडीए मुख्यालय पहुंचकर अपनी समस्या बताई। संचालकों की मांग है कि उनके संस्थानों की दोबारा जांच की जाए और अगर सुरक्षा मानक पूरे मिलते हैं, तो सील खोल दी जाए। अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है, जिससे कई बड़े कोचिंग संस्थान बंद हो गए हैं।
एलडीए ने संचालकों की परेशानी को देखते हुए 29 जून 2026 से एक विशेष हेल्प डेस्क शुरू की है। यहां संचालक अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं और अपनी बात रख सकते हैं। पहले ही दिन 24 संचालकों ने आवेदन और शपथ पत्र दिए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 14 आवेदन जोन-दो से आए, जबकि जोन-एक से छह, जोन-छह से तीन और जोन-पांच से एक आवेदन मिला है।
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्प डेस्क कमेटी हॉल में काम कर रही है और अधिकारियों की टीम 24 से 72 घंटे के भीतर हर मामले की संयुक्त जांच करेगी। अगर संस्थान अग्नि और विद्युत सुरक्षा के अनिवार्य नियमों का पालन करते पाए जाते हैं, तो सीलिंग के आदेश रद्द कर दिए जाएंगे। पीडब्ल्यू डिफेंस और सेंचुरियन डिफेंस अकादमी जैसे संस्थानों के संचालकों का दावा है कि उनके पास फायर सेफ्टी उपकरण और इमरजेंसी एग्जिट मौजूद हैं।
इस पूरी कार्रवाई की वजह 22 जून 2026 को अलीगंज में लगी आग है, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर कोचिंग, लाइब्रेरी, होटल और नर्सिंग होम की जांच का अभियान शुरू हुआ। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के मुताबिक, अब फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य है। खासकर उन इमारतों के लिए जो 9 मीटर से ज्यादा ऊंची हैं या जिनमें 20 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं।
बीते कुछ दिनों में लखनऊ में एलन, ग्रेविटी और आकाश जैसे बड़े कोचिंग सेंटर भी इस कार्रवाई की चपेट में आए हैं। पिछले दो दिनों में एलडीए ने कुल 126 प्रतिष्ठान सील किए और 161 मालिकों को नोटिस भेजे। संचालकों का कहना है कि इस सीलिंग की वजह से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।