UP : लखनऊ के कैसरबाग सिविल कोर्ट के बाहर वकीलों पर हुए लाठीचार्ज का असर अब दूसरे जिलों में भी दिखने लगा है। सोमवार को Pilibhit की जिला संयुक्त बार एसोसिएशन ने इस घटना के खिलाफ गहरा गुस्सा जताया और विरोध प्रदर्शन किया। वक
UP : लखनऊ के कैसरबाग सिविल कोर्ट के बाहर वकीलों पर हुए लाठीचार्ज का असर अब दूसरे जिलों में भी दिखने लगा है। सोमवार को Pilibhit की जिला संयुक्त बार एसोसिएशन ने इस घटना के खिलाफ गहरा गुस्सा जताया और विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
लखनऊ में क्या हुआ था और क्यों भड़के हैं वकील
यह पूरा विवाद रविवार, 17 मई 2026 को शुरू हुआ जब इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) के आदेश पर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। प्रशासन ने करीब 240 अवैध निर्माणों को चिन्हित किया था, जिसमें वकीलों के चैंबर भी शामिल थे। वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन ने 240 चैंबर गिरा दिए। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई और पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।
पुलिस और बार एसोसिएशन के दावों में क्या अंतर है
पुलिस का कहना है कि कुछ उपद्रवियों ने कार्रवाई में बाधा डाली और पथराव किया, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया, इसलिए बल प्रयोग करना जरूरी था। दूसरी तरफ, सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री अवनीश दीक्षित ‘हनी’ और लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद नारायण शुक्ला ‘चच्चू’ ने इसे गलत बताया है। वकीलों का कहना है कि वे 30 साल से उन चैंबरों में काम कर रहे थे और यह उनकी रोजी-रोटी पर हमला है। उन्होंने ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह समेत 25 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब आगे क्या होगा और कौन-कौन है विरोध में
इस घटना के बाद लखनऊ के वकीलों ने 18 से 20 मई तक तीन दिवसीय पूर्ण बहिष्कार और सामूहिक अवकाश घोषित किया है। रायबरेली के वकील भी हड़ताल पर हैं और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस लाठीचार्ज को अन्याय बताते हुए घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग की है। 20 मई को दोपहर 2 बजे सभी बार एसोसिएशनों की एक आमसभा होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
नगर निगम द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान वकीलों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, पथराव और बाधा डालने के कारण भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया।
वकीलों की मुख्य मांगें क्या हैं?
वकील ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह सहित 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। साथ ही वे एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और अपनी आजीविका की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।