UP: लखनऊ में वकीलों के चैंबर हटाने के दौरान हुए लाठीचार्ज ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस विव
UP: लखनऊ में वकीलों के चैंबर हटाने के दौरान हुए लाठीचार्ज ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस विवाद के कारण लखनऊ समेत कई जिलों में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है और वकीलों में भारी नाराजगी है।
वकीलों पर लाठीचार्ज और चैंबर तोड़ने का पूरा मामला क्या है?
यह घटना 17 मई 2026 को लखनऊ में हुई जब नगर निगम और प्रशासन ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर अवैध चैंबरों को हटाने का अभियान चलाया। वकीलों का आरोप है कि कोर्ट का आदेश सिर्फ 72 चैंबर हटाने का था, लेकिन प्रशासन ने वैध चैंबरों को भी तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें महिला वकीलों समेत कई लोगों पर लाठीचार्ज किया गया। वकीलों का कहना है कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई।
Ajay Rai ने मुख्यमंत्री से क्या मांगें की हैं?
अजय राय ने 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज के दौरान रामचरितमानस का पाठ कर रहे एक पंडित के साथ मारपीट हुई और पवित्र पुस्तक को फेंक दिया गया। अजय राय ने वकीलों के लिए सम्मानजनक वैकल्पिक व्यवस्था करने और अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
न्यायिक कार्य पर असर और वकीलों का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद लखनऊ के वकीलों ने हड़ताल शुरू कर दी है, जो 26 मई 2026 तक चलेगी। लखनऊ के अलावा रायबरेली, आगरा, बनारस, देवरिया और बरेली जैसे जिलों की बार एसोसिएशन ने भी समर्थन में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया है। 18 मई को कई जिलों में ‘काला दिवस’ मनाया गया। घायल वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि बलरामपुर अस्पताल में प्रशासन के दबाव के कारण उनका सही इलाज नहीं किया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज कब और क्यों हुआ?
यह घटना 17 मई 2026 को हुई। नगर निगम और प्रशासन उच्च न्यायालय के आदेश के तहत अवैध चैंबर हटा रहे थे, जिसके दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज किया गया।
वकीलों की हड़ताल कब तक चलेगी?
लखनऊ में वकीलों की हड़ताल 26 मई 2026 तक चलने की घोषणा की गई है, जिसके बाद आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक होगी।