UP: लखनऊ के प्रेस क्लब में सोमवार को ‘मानवतावादी अधिवक्ता महासभा’ का एक सम्मेलन हुआ। इस मीटिंग में शहर के वकीलों ने न्यायपालिका और बार काउंसिल के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए। अधिवक्ताओं का कहना ह
UP: लखनऊ के प्रेस क्लब में सोमवार को ‘मानवतावादी अधिवक्ता महासभा’ का एक सम्मेलन हुआ। इस मीटिंग में शहर के वकीलों ने न्यायपालिका और बार काउंसिल के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए। अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान समय में बार काउंसिल और बार एसोसिएशन की निष्पक्षता खतरे में है, जिससे कानूनी व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
वकीलों ने किन मुख्य मुद्दों पर जताई नाराजगी?
सम्मेलन में मौजूद वकीलों ने कहा कि बार काउंसिल और एसोसिएशन अब पहले जैसी निष्पक्ष नहीं रहे। उन्होंने कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। इसके साथ ही, अधिवक्ताओं ने अपनी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी चिंता जाहिर की। लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व घटनाक्रमों में चैंबर की कमी और वकील सुरक्षा अधिनियम को लागू करने जैसी मांगें भी सामने आती रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश और बार काउंसिल की स्थिति
एक तरफ लखनऊ में वकीलों का विरोध जारी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सभी जिला बार एसोसिएशनों को हड़ताल करने या काम से अनुपस्थित रहने पर रोक लगा दी है। साथ ही, महिला वकीलों के लिए 30% कोटा लागू न करने वाले एसोसिएशनों को निलंबित करने की चेतावनी दी है, जिस पर 12 मई 2026 को अगली सुनवाई होनी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मानवतावादी अधिवक्ता महासभा का सम्मेलन कहाँ हुआ?
यह सम्मेलन सोमवार, 11 मई 2026 को लखनऊ के प्रेस क्लब में आयोजित किया गया था, जहाँ वकीलों ने न्यायपालिका और बार काउंसिल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सुप्रीम कोर्ट ने बार एसोसिएशनों को क्या चेतावनी दी है?
सुप्रीम कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशनों को हड़ताल पर रोक लगाने का निर्देश दिया है और महिला वकीलों के लिए 30% कोटा लागू न करने वाले एसोसिएशनों को निलंबित करने की चेतावनी दी है।