UP: लखनऊ के कचहरी रोड और पुराने हाईकोर्ट भवन के पास रविवार को भारी हंगामा हुआ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ बुलडोजर चलाया, जिसमें वकीलों के करीब 100 से 240 चैंबर और दुकानें गि
UP: लखनऊ के कचहरी रोड और पुराने हाईकोर्ट भवन के पास रविवार को भारी हंगामा हुआ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ बुलडोजर चलाया, जिसमें वकीलों के करीब 100 से 240 चैंबर और दुकानें गिराई गईं। इस कार्रवाई के दौरान वकीलों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें पथराव और लाठीचार्ज की खबरें आईं।
कार्रवाई क्यों हुई और क्या था पुलिस का पक्ष
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध कब्जे हटाने के लिए सुबह 9 बजे से कई टीमों ने काम शुरू किया था। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत हुई और पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे। पुलिस का कहना है कि जब वकीलों ने पथराव शुरू किया, तब उपद्रवियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया। हाईकोर्ट ने 11 मार्च को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था और 25 मई तक इसकी रिपोर्ट मांगी है।
वकीलों का विरोध और हड़ताल का फैसला
इस कार्रवाई से नाराज वकीलों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिव अवनीश दीक्षित (हनी) के नेतृत्व में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका दावा है कि प्रशासन ने वैध चैंबरों को भी तोड़ दिया और महिला वकीलों पर भी लाठीचार्ज हुआ। विरोध के तौर पर सेंट्रल बार, लखनऊ बार और अवध बार एसोसिएशन ने 18 मई से 20 मई तक तीन दिवसीय न्यायिक कार्य बहिष्कार (हड़ताल) शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी बिना वैकल्पिक व्यवस्था के चैंबर तोड़ने की निंदा की है।
आगे क्या होगा और कितने चैंबर बचे हैं
रविवार को हंगामे की वजह से दोपहर में कार्रवाई रोकनी पड़ी और शाम को काम स्थगित कर दिया गया। अभी भी लगभग 50 अवैध चैंबर बाकी हैं, जिन्हें 24 मई तक गिराया जाएगा। नगर निगम को 25 मई को हाईकोर्ट में शपथ पत्र देना है कि सारा अतिक्रमण हट चुका है। वहीं, सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 20 मई को अगली रणनीति तय करने के लिए एक आम सभा बुलाई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों के चैंबर क्यों तोड़े गए?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने कचहरी रोड और पुराने हाईकोर्ट भवन के पास से अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था, जिसके पालन में नगर निगम ने यह कार्रवाई की।
वकीलों ने इसके खिलाफ क्या कदम उठाया है?
वकीलों ने 18 मई से 20 मई 2026 तक तीन दिवसीय न्यायिक कार्य बहिष्कार (हड़ताल) का ऐलान किया है और 20 मई को आगे की रणनीति के लिए बैठक बुलाई है।