Lucknow में वकीलों ने परिवार पर किया हमला, महिला के साथ अश्लीलता; 14 के खिलाफ FIR दर्ज
Lucknow: राजधानी के पुराने हाईकोर्ट परिसर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुछ वकीलों ने एक परिवार और उनके दोस्त पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में एक महिला के साथ अश्लीलता करने और परिवार को बंधक बनाने के गंभीर
Lucknow: राजधानी के पुराने हाईकोर्ट परिसर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुछ वकीलों ने एक परिवार और उनके दोस्त पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में एक महिला के साथ अश्लीलता करने और परिवार को बंधक बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने इस मामले में 6 नामजद और 8 अज्ञात वकीलों सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना 24 जुलाई को दोपहर करीब 3:00 बजे अधिवक्ता प्रशांत वाजपेयी के चैंबर में हुई। बाराबंकी से आया एक परिवार अपनी छोटी बेटी की कोर्ट मैरिज रोकने के लिए कोर्ट पहुंचा था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और वकीलों ने युवक, उसकी मां, बड़ी बहन और दोस्त पर रॉड और कुर्सियों से हमला कर दिया। हमले में युवक की मां के सिर और आंखों पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गईं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस दौरान उनकी बड़ी बहन को जबरन दूसरे चैंबर में खींचकर ले जाया गया, जहां उन्हें बंधक बनाया गया और उनके साथ अश्लीलता की गई। आरोपियों ने परिवार को भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इसी हंगामे और डर के माहौल के बीच छोटी बहन की कोर्ट मैरिज करा दी गई। घटना के बाद पीड़ित दोस्त ने पुराना हाईकोर्ट चौकी पर पुलिस को खबर दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को बचाया। पुलिस को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गए।
वजीरगंज पुलिस ने इस मामले में प्रशांत वाजपेयी, रवि कुमार कनौजिया, आकाश कुमार वर्मा, इस्लामुद्दीन, मोहम्मद आसिफ और सौरभ तिवारी नाम के 6 वकीलों को नामजद किया है। एसीपी चौक शुभम कुमार ने बताया कि घायल बुजुर्ग महिला का इलाज कराया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
गौरतलब है कि लखनऊ के कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा हमले की यह पहली घटना नहीं है। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दिल्ली के वकीलों पर हुए हमले का संज्ञान लिया था। इसी बीच लखनऊ पुलिस ने अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है जो वकील का चोला पहनकर जमीन कब्जाने और आपराधिक काम करते हैं। इसके लिए उपनिरीक्षक रामेश्वर तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष सेल को फिर से सक्रिय किया गया है।