UP : लखनऊ में रविवार को नगर निगम की टीम जब अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज हुआ और कई चैंबर तोड़ दिए गए। इस घटना के बाद अब प्रत
UP : लखनऊ में रविवार को नगर निगम की टीम जब अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद लाठीचार्ज हुआ और कई चैंबर तोड़ दिए गए। इस घटना के बाद अब प्रतापगढ़ रूरल बार एसोसिएशन ने मामले की न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग की है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कैसे हुई?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम की टीम 10 बुलडोजर और 300 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंची थी। कोर्ट ने 7 मई को जिला न्यायालय के बाहर से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। नगर निगम ने पहले 240 निर्माणों पर निशान लगाए थे और 16 मई तक खाली करने को कहा था। रविवार को जब टीम पहुंची, तो वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियां चलाईं।
कितना नुकसान हुआ और कौन घायल हुए?
इस झड़प में 3 वकील और 1 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का गलत इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि कोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन करीब 240 चैंबर ध्वस्त कर दिए गए। वहीं डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने कहा कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया, बल्कि भीड़ को हटाने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया।
वकीलों और बार एसोसिएशन की क्या प्रतिक्रिया है?
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने इस घटना के विरोध में 20 मई, 2026 तक सामूहिक अवकाश घोषित कर दिया है। प्रतापगढ़ रूरल बार एसोसिएशन ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और दोषी अधिकारियों पर एक्शन लेने की मांग की है। कई वकीलों ने बुलडोजर के सामने खड़े होकर विरोध किया और कुछ ने खुद को चैंबर में बंद कर लिया था। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों के चैंबर क्यों तोड़े गए?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर नगर निगम की टीम जिला न्यायालय के बाहर अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई।
इस घटना में कितने लोग घायल हुए हैं?
पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प में 3 अधिवक्ता और 1 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज बलरामपुर अस्पताल में चल रहा है।