Lucknow में अवैध कब्जों और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर बवाल, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा बनाने की मांग

Lucknow: राजधानी लखनऊ में जल, जंगल और जमीन पर बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले लोग इस मुद्दे को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की मांग कर रहे हैं। शहर में प्राकृतिक संसाधनों के द

Lucknow: राजधानी लखनऊ में जल, जंगल और जमीन पर बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले लोग इस मुद्दे को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की मांग कर रहे हैं। शहर में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ अब आम जनता और कानूनी संस्थाएं दोनों सक्रिय हो गई हैं।

हाल ही में अलीगंज में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन की नींद खुली है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने हाई कोर्ट को बताया कि शहर में 10,000 से ज्यादा ऐसी व्यावसायिक इमारतें हैं जो अवैध हैं। LDA के 2025 के नियमों के मुताबिक, जिन इमारतों में फायर एनओसी नहीं है या जिन्होंने पार्किंग और कॉमन एरिया में निर्माण किया है, उन्हें राहत नहीं मिलेगी। इसके बावजूद कई आवासीय मकानों का इस्तेमाल धड़ल्ले से दुकान या ऑफिस के तौर पर हो रहा है।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में अतिक्रमण को लेकर खींचतान चल रही है। आशियाना के गौतम बुद्ध पार्क की बाउंड्री के पास नगर निगम 1.5 करोड़ रुपये की लागत से फुटपाथ पर 60 से ज्यादा दुकानें बना रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि LDA ने इस निर्माण को रोकने के लिए नगर निगम को पत्र भी लिखा था, लेकिन काम फिर भी जारी है। वहीं, सहारा की जमीन पर नए विधान भवन परिसर बनाने की योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और LDA से 31 जुलाई 2026 तक जवाब मांगा है।

प्रशासन ने अब कई जगहों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई तेज कर दी है। सिंचाई विभाग की जमीन और जिला न्यायालय परिसर के बाहर बने अवैध चैंबरों और दुकानों को हटाया गया है। हालांकि, इन कार्रवाइयों के दौरान स्थानीय लोगों और वकीलों के साथ पुलिस की झड़पें भी हुईं। PWD की जमीन पर 20 साल से चल रहे अतिक्रमण पर भी हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है।

संस्था/विभाग वर्तमान स्थिति/कार्रवाई
LDA 10,000 अवैध व्यावसायिक इमारतों की पहचान, ध्वस्तीकरण तेज
नगर निगम उत्तरधौना में 0.640 हेक्टेयर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया
SIT लखनऊ अग्निकांड और अवैध निर्माणों की गहन जांच में जुटी
हाई कोर्ट जिला अदालतों और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने के आदेश
UP सरकार शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के तहत पुराने कॉम्प्लेक्सों का पुनर्विकास करेगी

विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ फायर एनओसी देना काफी नहीं है, बल्कि समय-समय पर ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है ताकि भविष्य में अलीगंज जैसे हादसों को रोका जा सके। अब देखना यह होगा कि चुनाव से पहले यह मुद्दा सरकार की प्राथमिकताओं में कितनी जगह पाता है।