UP : लखनऊ के पारा इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे 35 वर्षीय श्रमिक छोटू की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। छोटू मूल रूप से बहराइच जिले का रहने वाला थ
UP : लखनऊ के पारा इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे 35 वर्षीय श्रमिक छोटू की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। छोटू मूल रूप से बहराइच जिले का रहने वाला था और लखनऊ के मानकनगर में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता था।
कैसे हुआ यह हादसा और क्या थी स्थिति
यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे की है। छोटू निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसका हाथ पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। मौके पर मौजूद साथी मजदूरों और मकान मालिक ने तुरंत उसे ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का हाल और पुलिस की कार्रवाई
मृतक छोटू के परिवार में उसकी पत्नी विनीता और एक बेटा है। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पारा पुलिस के एडिशनल इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले की जानकारी ली है और परिजनों की तरफ से अभी तक किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
बिजली सुरक्षा के क्या हैं नियम
भारतीय विद्युत नियमावली 1956 के मुताबिक, बिजली के उपकरणों और ओवरहेड पावर लाइनों के बीच सुरक्षित दूरी रखना जरूरी है। सामान्य दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यस्थल पर पावर लाइनों से कम से कम 10 फीट की दूरी बनाए रखनी चाहिए और सुरक्षा उपकरणों (PPE) का इस्तेमाल करना चाहिए। उत्तर प्रदेश विद्युत सुरक्षा निदेशालय का लक्ष्य शून्य विद्युत दुर्घटना सुनिश्चित करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हादसा लखनऊ में कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा शनिवार, 7 जून 2026 को सुबह लगभग 10 बजे लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल पर हुआ।
मृतक श्रमिक की पहचान क्या थी?
मृतक का नाम छोटू (35 वर्ष) था। वह मूल रूप से बहराइच का निवासी था और लखनऊ के मानकनगर में किराए पर रहकर काम करता था।