Lucknow में केसरीखेड़ा ROB के काम में देरी, कीचड़ भरे वैकल्पिक मार्ग से 50 हजार लोग परेशान

Lucknow: राजधानी के केसरीखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज (ROB) के कारण इलाके के करीब 50 हजार लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है। निर्माण कार्य के चलते बनाया गया 12 फीट चौड़ा कच्चा वैकल्पिक मार्ग बारिश की वजह से पूर

Lucknow: राजधानी के केसरीखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज (ROB) के कारण इलाके के करीब 50 हजार लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है। निर्माण कार्य के चलते बनाया गया 12 फीट चौड़ा कच्चा वैकल्पिक मार्ग बारिश की वजह से पूरी तरह गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुका है। इससे 50 से ज्यादा कॉलोनियों के लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

महाराजपुरम से कनौज रेलवे क्रॉसिंग तक करीब 4 किलोमीटर लंबा यह कच्चा रास्ता फिलहाल एकमात्र सहारा है, क्योंकि केसरीखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग पिछले छह महीने से बंद है। साथ ही रामदसखेड़ा अंडरपास का काम भी अधूरा है और उसका रास्ता भी बंद रखा गया है। इस वजह से स्कूल वैन, कैब और एम्बुलेंस जैसी जरूरी गाड़ियां यहां फंस रही हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

निर्माण में हो रही देरी से नाराज स्थानीय लोगों ने पंडितखेड़ा के सत्विंदर कॉम्प्लेक्स में अरुण शुक्ला के नेतृत्व में एक बैठक की। लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज और अंडरपास के काम में देरी की वजह से उन्हें इस नरकीय रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इस समस्या से केसरीखेड़ा, महाराजपुरम, बालकृष्ण नगर, पंडितखेड़ा, चुन्नू खेड़ा, लक्ष्मी विहार, सदरौना कॉलोनी, गोल्ड सिटी, बजरंग सिटी, कृष्णा विहार, रामदास खेड़ा, शुभम सिटी, गोकुल एस्टेट, कबीर नगर योजना, भवानीपुरम, गंगा खेड़ा और पारा जैसे इलाके सीधे तौर पर प्रभावित हैं।

उत्तर प्रदेश स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन द्वारा बनाए जा रहे इस दो-लेन ओवरब्रिज की लंबाई 937.46 मीटर है और इसकी अनुमानित लागत 74.48 करोड़ रुपये से 84 करोड़ रुपये के बीच है। रेलवे और राज्य सरकार के संयुक्त प्रोजेक्ट वाले इस ब्रिज का काम अब आखिरी चरण में है। 12 जुलाई 2026 तक क्रैश बैरियर का काम पूरा हो चुका था और उसके बाद ब्लैकटॉपिंग और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू होना था।

विवरण जानकारी
संभावित ओपनिंग तारीख 31 जुलाई 2026 (दोपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए)
कुल लंबाई 937.46 मीटर
अनुमानित लागत ₹74.48 करोड़ – ₹84 करोड़
लाभान्वित लोग लगभग 5 लाख
निर्माण एजेंसी UP स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन

प्रशासन का दावा है कि यह ओवरब्रिज जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा, जिससे कानपुर और हरदोई रोड के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा और अवध चौराहे पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। हालांकि, ब्रिज खुलने के बाद भी वैकल्पिक मार्ग को पहले की तरह चालू रखने की बात कही गई है।