Lucknow की कंपनी ने बनाया जेट पावर्ड ‘दिव्यास्त्र Mk3’, पहली सफल उड़ान के साथ रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि
Lucknow: राजधानी लखनऊ की एक प्राइवेट कंपनी ने रक्षा क्षेत्र में बड़ा कमाल किया है। कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड (Hoverit) ने स्वदेशी तरीके से तैयार किए गए जेट-पावर्ड प्रिसीजन स्ट्राइक सिस्टम ‘दिव्यास्त्र Mk3’
Lucknow: राजधानी लखनऊ की एक प्राइवेट कंपनी ने रक्षा क्षेत्र में बड़ा कमाल किया है। कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड (Hoverit) ने स्वदेशी तरीके से तैयार किए गए जेट-पावर्ड प्रिसीजन स्ट्राइक सिस्टम ‘दिव्यास्त्र Mk3’ की पहली सफल उड़ान पूरी की। इस सिस्टम की पहली उड़ान 11 अगस्त 2026 को हुई थी, जिसकी जानकारी रविवार 16 अगस्त को साझा की गई।
यह पूरा सिस्टम पूरी तरह से भारत में ही बनाया और उड़ाया गया है। इसमें किसी भी विदेशी जेट इंजन या बाहरी पुर्जों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस सिस्टम के लिए जेट इंजन डीजी प्रोपल्सन द्वारा तैयार किया गया है। कंपनी के सह-संस्थापकों ने कहा कि यह सिर्फ एक टेस्ट फ्लाइट नहीं है, बल्कि भारत की इंजीनियरिंग ताकत का सबूत है कि देश अब अपनी सीमाओं के भीतर ऐसी सटीक स्ट्राइक प्रणाली बना सकता है।
दिव्यास्त्र Mk3 को एक ‘कामिकाजी ड्रोन’ या अगली पीढ़ी के लॉइटरिंग म्यूनिशन के रूप में देखा जा रहा है। यह ड्रोन लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर मंडरा सकता है और जैसे ही सही टारगेट मिलता है, उस पर हमला कर देता है। खास बात यह है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को शुरू करने से लेकर पहली उड़ान तक में सिर्फ एक साल का समय लगा। इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और अन्य पार्टनर्स को यूएवी लॉन्च्ड प्रिसीजन गाइडेड मिसाइल (ULPGM)-V3 के सफल परीक्षण के लिए बधाई दी थी। यह सब भारत की ड्रोन और आधुनिक हथियार प्रणालियों में बढ़ती ताकत को सामने लाता है।