Lucknow के कसमंडी में विवादित ढांचे पर जलाभिषेक की कोशिश, पुलिस ने रोका रास्ता
Lucknow/Malihabad: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कला गांव में एक विवादित ढांचे को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही। सावन के पहले सोमवार को हिंदू संगठन लाखन आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यहां जलाभिषेक करने की कोशिश की, लेकिन प्रशास
Lucknow/Malihabad: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कला गांव में एक विवादित ढांचे को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही। सावन के पहले सोमवार को हिंदू संगठन लाखन आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यहां जलाभिषेक करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि शांति बनी रहे।
यह पूरा मामला 3 अगस्त 2026 का है, जब लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में संगठन के सदस्य 108 गांवों से पवित्र मिट्टी लेकर मार्च करते हुए पहुंचे। उनका दावा है कि यह ढांचा राजा पासी कंस का शिव मंदिर और किला था, जिसे 980 से 1031 ईस्वी के बीच बनाया गया था। हालांकि, जिलाधिकारी ने सुरक्षा कारणों से जलाभिषेक की अनुमति नहीं दी थी।
पुलिस और पीएसी की टीम ने प्रदर्शनकारियों को विवादित स्थल से करीब 200 मीटर पहले ही रोक लिया। बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर सूरज पासी और उनके समर्थकों ने सांकेतिक जलाभिषेक किया और विरोध जताया। मौके पर मौजूद एसीपी मलिहाबाद ज्ञानेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों को समझाया, जिसके बाद समर्थक शांतिपूर्वक वहां से चले गए।
प्रशासन ने मई 2026 में ही इस स्थल पर किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि पर रोक लगा दी थी। इससे पहले मई के अंत में यहां हनुमान चालीसा का पाठ करने की कोशिश भी की गई थी, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया था। दूसरी तरफ, मुस्लिम समुदाय का कहना है कि वे लंबे समय से यहां नमाज पढ़ते आए हैं और कुछ साल पहले यहां मस्जिद और मदरसा भी बनाया गया था।
सूरज पासी ने अब इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने के लिए भाजपा और समाजवादी पार्टी के विधायकों से बात करने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे बड़ा जन जागरण अभियान चलाएंगे। फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।