Lucknow में कसमंडी विवाद: 138 गांवों की मिट्टी लेकर पहुंचे थे लाखन आर्मी के लोग, पुलिस ने रोका

Lucknow: राजधानी लखनऊ के कसमंडी कलां इलाके में सावन के पहले सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। लाखन आर्मी के कार्यकर्ता 138 पासी बाहुल्य गांवों की पवित्र मिट्टी और गंगाजल लेकर यहां पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विवादित

Lucknow: राजधानी लखनऊ के कसमंडी कलां इलाके में सावन के पहले सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। लाखन आर्मी के कार्यकर्ता 138 पासी बाहुल्य गांवों की पवित्र मिट्टी और गंगाजल लेकर यहां पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विवादित स्थल तक जाने से रोक दिया और वापस लौटा दिया।

लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी का दावा है कि कसमंडी कलां में स्थित यह जगह महाराजा कंस पासी का पुराना किला और शिव मंदिर है। संगठन के लोग इस एक हजार साल पुरानी विरासत का शुद्धिकरण करना चाहते थे, जिसके लिए वे 108 से 138 गांवों की मिट्टी और गंगाजल से जलाभिषेक करने की तैयारी में थे। इसके अलावा संगठन ने नट समाज के बच्चों के धर्मांतरण के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया था और सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी थी। पुलिस का कहना है कि सावन के पहले सोमवार और चेहल्लुम एक ही दिन पड़ने की वजह से माहौल संवेदनशील था, इसलिए किसी भी विवाद को रोकने के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया था। स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई थी।

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद लाखन आर्मी के कार्यकर्ता विवादित ढांचे से करीब 200 मीटर पहले बैरिकेडिंग पर रुके। वहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया और उसी जगह जल चढ़ाकर वापस लौट गए। बता दें कि यह मामला 21 मई 2026 से चर्चा में है जब लाखन आर्मी ने यहां प्राचीन हिंदू कलाकृतियों का दावा करते हुए कार्बन डेटिंग की मांग की थी, जिसके बाद वहां नमाज पर रोक लगा दी गई थी। संगठन ने 1 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी।