Lucknow के कसमंडी किले पर जलाभिषेक के ऐलान से तनाव, चेहल्लुम और सावन के सोमवार को लेकर पुलिस अलर्ट

Lucknow: लखनऊ के मलिहाबाद इलाके के कसमंडी कलां गांव में एक पुराने ढांचे को लेकर तनाव बढ़ गया है। यहाँ सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने के ऐलान और उसी दिन चेहल्लुम का आयोजन होने की वजह से माहौल गरमाया हुआ है। स्थिति क

Lucknow: लखनऊ के मलिहाबाद इलाके के कसमंडी कलां गांव में एक पुराने ढांचे को लेकर तनाव बढ़ गया है। यहाँ सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने के ऐलान और उसी दिन चेहल्लुम का आयोजन होने की वजह से माहौल गरमाया हुआ है। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी नए आयोजन पर रोक लगा दी है।

विवाद की जड़ एक प्राचीन ढांचा है। पासी समाज इसे महाराजा कंस पासी का किला और पुराना शिव मंदिर मानता है, इसलिए यहाँ जलाभिषेक और 108 गांवों की पवित्र मिट्टी चढ़ाने की तैयारी थी। दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष इसे वक्फ संपत्ति, मकबरा और मस्जिद बताता है। इस खींचतान के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए विवादित स्थल पर किसी भी नई धार्मिक गतिविधि की इजाजत नहीं दी है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2 अगस्त 2026 को शांति समिति की बैठकें की गईं। इसमें साफ-सफाई, ट्रैफिक और सुरक्षा पर चर्चा हुई। पुलिस ने साफ कर दिया है कि चेहल्लुम के जुलूसों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा और बिना अनुमति किसी भी जुलूस को नहीं निकाला जाएगा। पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आधार कार्ड से सत्यापन भी करेगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

बता दें कि मई 2026 में भी यहाँ तनाव हुआ था जब पासी समाज ने नमाज पढ़ने का विरोध किया था। उस दौरान प्रशासन ने बकरीद पर नमाज और हिंदू संगठनों को हनुमान चालीसा पढ़ने, दोनों पर ही रोक लगा दी थी। पासी समाज ने इस ढांचे की ASI से जांच कराने की मांग की है। वहीं, कानून बिगाड़ने के आरोप में लाखन पासी आर्मी के 15 सदस्यों पर केस भी दर्ज किया गया था।