Lucknow-Kanpur Expressway की सतह फिर हुई खराब, NHAI ने 3 इंजीनियरों पर की कार्रवाई

UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क की ऊपरी परत खराब होने का मामला सामने आया है। उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही सड़क की हालत बिगड़ने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाए हैं।

UP/Lucknow: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क की ऊपरी परत खराब होने का मामला सामने आया है। उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही सड़क की हालत बिगड़ने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाए हैं। इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं और तीन इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है।

यह समस्या उन्नाव जिले के कुरारी के पास एक पुल के संपर्क मार्ग (approach embankment) पर देखी गई है। NHAI के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि पहले 20 मीटर के हिस्से की मरम्मत की गई थी, लेकिन उसके पास फिर से क्षति दिखने लगी। अब प्राधिकरण ने पूरे 220 मीटर लंबे संपर्क मार्ग की मरम्मत कराने का फैसला किया है।

इस लापरवाही के बाद NHAI ने दो स्वतंत्र इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी के एक रखरखाव इंजीनियर को उनके काम से हटा दिया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि इसे सड़क धंसने के अलग-अलग मामले कहना गलत होगा, क्योंकि ज्यादातर खराबी एक ही संपर्क मार्ग पर हुई है। मामले की गहराई से जांच के लिए एक कमेटी बना दी गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

सड़क की सुरक्षा के लिए यातायात को कुरारी टोल प्लाजा के पास से डायवर्ट कर दिया गया है। उम्मीद है कि अगले दो दिनों में मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा और गाड़ियां फिर से सामान्य रूप से चलने लगेंगी। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे 15 साल की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड के तहत है, जिसका मतलब है कि इस दौरान रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होगी और इसके लिए कोई अलग से पैसा नहीं लिया जाएगा।

गौरतलब है कि इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था और इसे 14 जुलाई को जनता के लिए खोला गया था। इससे पहले 26 जुलाई को भी सड़क पर फिसलन की शिकायत मिली थी। निर्माण के दौरान आधुनिक AIMGC तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन यह तकनीक भविष्य में होने वाली ऐसी टूट-फूट की भविष्यवाणी नहीं कर सकती थी।