Lucknow-Kanpur Expressway पर धंसी सड़क, NHAI ने रोका टोल और अधिकारियों पर की कार्रवाई

UP : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और गड्ढों की गंभीर समस्या सामने आई है। इस लापरवाही के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली बंद कर दी है। सड़क की खराब हालत को देखते हु

UP : लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और गड्ढों की गंभीर समस्या सामने आई है। इस लापरवाही के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली बंद कर दी है। सड़क की खराब हालत को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण कंपनी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया है।

IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों ने जब इस मामले की जांच की तो पता चला कि सड़क के ड्रेनेज सिस्टम में बड़ी खराबी थी। सड़क के किनारे जहां क्रैश बैरियर और शोल्डर बनाए गए थे, वहां पानी जमा हो रहा था और बाहर निकलने के बजाय वापस सड़क की तरफ आ रहा था। इसी वजह से सड़क के नीचे नमी बढ़ गई और सड़क धंसने लगी। 12 अगस्त 2026 को हसनपुर के पास करीब 10 मीटर लंबा हिस्सा फिर से धंस गया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया।

NHAI ने इस मामले में निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को ‘नॉन-परफ़ॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव भेजा है, जिससे कंपनी अब भविष्य की परियोजनाओं में बोली नहीं लगा पाएगी। साथ ही, प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को पद से हटा दिया गया है। इन तीनों अधिकारियों पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और NHIDCL की सभी परियोजनाओं से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सुरक्षा के लिहाज से NHAI ने कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले प्रभावित हिस्से पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी है। आईआईटी खड़गपुर की टीम ने सड़क धंसने और दरार पड़ने के 23 मामलों की जांच पूरी कर ली है। प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में तैयार की गई 800 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट और सात घंटे की रिकॉर्डिंग जल्द ही NHAI को सौंपी जाएगी।

बता दें कि इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड पहले भी विवादों में रही है, जिसमें सीबीआई का रिश्वतखोरी मामला और अवैध खनन के लिए 104 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। कंपनी को पहले केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित किया था, लेकिन वह उत्तर प्रदेश में ठेके लेती रही।