Lucknow-Kanpur Expressway पर सफर हुआ मुश्किल, 63 किमी के रास्ते में मिले 64 गड्ढे

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे अब सिरदर्द बन गया है। महज एक महीने पहले शुरू हुए इस रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि यात्रा में लगने वाला समय दोगुना हो गया है। 63 किलोमीटर

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे अब सिरदर्द बन गया है। महज एक महीने पहले शुरू हुए इस रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि यात्रा में लगने वाला समय दोगुना हो गया है। 63 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 64 गड्ढे मिले हैं, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।

लखनऊ से कानपुर की तरफ जाने वाले यात्रियों को 28वें से 35वें किलोमीटर के बीच करीब 7 किलोमीटर के हिस्से में काफी दिक्कतें आ रही हैं। यहां साइड लेन और शोल्डर्स पर मरम्मत का काम चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जुलाई 2026 को उद्घाटन के बाद से ही इस ग्रीनफील्ड सेक्शन में कई छोटे-बड़े दोष नजर आए हैं। कानपुर से लखनऊ की तरफ 60वें किलोमीटर के पास करीब 100 मीटर सड़क को पूरी तरह खोदकर दोबारा बनाया जा रहा है।

सड़क की खराब गुणवत्ता को देखते हुए National Highways Authority of India (NHAI) ने इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी है। NHAI ने इस प्रोजेक्ट को बनाने वाली कंपनी PNC Infratech को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित किया है और उस पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ तीन साल तक ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

इस पूरे मामले की जांच के लिए IIT Kharagpur के प्रोफेसर के एस रेड्डी के नेतृत्व में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है। टीम ने अपनी फील्ड जांच पूरी कर ली है और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। शुरुआती तौर पर यह बात सामने आई है कि मानसून के दौरान पानी सड़क की परतों में घुस गया और सड़क बनने के बाद करीब एक साल तक इसका इस्तेमाल नहीं हुआ, जिससे यह नुकसान हुआ।

NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि मरम्मत का काम जारी है और ज्यादातर प्रभावित हिस्सों में पैचवर्क पूरा कर लिया गया है। उन्होंने सड़क की मजबूती पर भरोसा जताया है। इस एक्सप्रेसवे में 15 साल का डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड है, जिसका मतलब है कि कंपनी को अपने खर्चे पर ही सारी खामियां ठीक करनी होंगी। अब तक की मरम्मत में करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।