Lucknow-Kanpur Expressway पर बस सेवा शुरू, अब 45 मिनट में पहुँचेंगे कानपुर; जान लीजिए किराया और नियम

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सोमवार, 27 जुलाई 2026 से बसों का संचालन शुरू हो गया है। इस नई सेवा के शुरू होने से अब दोनों शहरों के बीच की दूरी काफी कम हो

UP/Lucknow: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सोमवार, 27 जुलाई 2026 से बसों का संचालन शुरू हो गया है। इस नई सेवा के शुरू होने से अब दोनों शहरों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी और यात्रियों का समय बचेगा।

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। 63 किलोमीटर लंबे इस छह-लेन कॉरिडोर की वजह से अब लखनऊ से कानपुर पहुँचने में करीब 35 से 45 मिनट का समय लगेगा, जबकि पहले इसमें 2.5 से 3 घंटे लग जाते थे। इसे बनाने में करीब 4,700 करोड़ रुपये का खर्च आया है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ को कानपुर के चकेरी से जोड़ता है और लखनऊ आउटर रिंग रोड से भी जुड़ा हुआ है।

किराये की बात करें तो UPSRTC ने एक्सप्रेसवे पर चलने वाली साधारण बसों का किराया 151 रुपये तय किया है। वहीं, नेशनल हाईवे से चलने वाली बसों का किराया घटाकर 123 रुपये कर दिया गया है। UPSRTC के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि नेशनल हाईवे का किराया इसलिए कम हुआ क्योंकि बसों का प्रस्थान बिंदु चारबाग से बदलकर आलमबाग कर दिया गया है, जिससे दूरी कम हुई है। एक्सप्रेसवे पर किराया ज्यादा होने की मुख्य वजह भारी टोल टैक्स है। एक्सप्रेसवे पर एक राउंड ट्रिप का टोल 1,405 रुपये है, जबकि नेशनल हाईवे पर यह सिर्फ 95 रुपये है।

सुरक्षा और ट्रैफिक को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर कुछ कड़े नियम लागू किए गए हैं। यहाँ अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा है, लेकिन बसों और अन्य वाहनों के लिए इसे 100 किमी प्रति घंटा रखा गया है। सुरक्षा के लिए यहाँ सिर्फ चार पहिया और भारी वाहनों को अनुमति है; दोपहिया, तिपहिया और छोटे वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।

टोल वसूली के लिए यहाँ बिना बैरियर वाला MLFF सिस्टम लगाया गया है। इसमें ANPR कैमरे और हाई-स्पीड FASTag रीडर लगे हैं, जो बिना रुके अपने आप टोल काट लेंगे। अगर किसी के FASTag अकाउंट में बैलेंस नहीं हुआ, तो उन्हें ई-नोटिस भेजा जाएगा। इसके अलावा, पूरे रास्ते पर 63 CCTV कैमरे, स्पीड रडार और इमरजेंसी कॉल बॉक्स जैसी आधुनिक सुविधाएँ दी गई हैं।