UP: लखनऊ के कोकोरो आर्ट गैलरी में पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध कालीघाट पटचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी का मकसद नई पीढ़ी को भारत की पुरानी लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इसका उद्घाटन शुक्रवार,
UP: लखनऊ के कोकोरो आर्ट गैलरी में पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध कालीघाट पटचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी का मकसद नई पीढ़ी को भारत की पुरानी लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इसका उद्घाटन शुक्रवार, 12 जून को शाम 5 बजे पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने किया।
प्रदर्शनी में क्या खास है और कौन है कलाकार
इस आयोजन में पश्चिम बंगाल के जाने-माने लोकचित्रकार मनोरंजन चित्रकार की करीब 50 कलाकृतियां लगाई गई हैं। मनोरंजन चित्रकार पिछले 30 सालों से पटचित्र परंपरा को बचाए रखने और उसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। दर्शक इन चित्रों के जरिए कालीघाट कला शैली की खूबसूरती और उसके इतिहास को समझ सकते हैं।
वर्कशॉप और आयोजन की पूरी जानकारी
कोकोरो आर्ट गैलरी की क्यूरेटर वंदना सहगल ने इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन किया है। प्रदर्शनी के साथ-साथ 13 और 14 जून 2026 को दो दिनों की एक वर्कशॉप भी रखी गई है। इस वर्कशॉप में लोगों को कालीघाट कला के इतिहास, रंग भरने के तरीके और चित्र बनाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाएगी।
क्या है कालीघाट पटचित्र की परंपरा
कालीघाट पटचित्र बंगाल की एक बहुत पुरानी लोकचित्र शैली है। इसका विकास 19वीं शताब्दी में कोलकाता के कालीघाट मंदिर के आसपास हुआ था। यह कला अपनी खास शैली और रंगों के प्रयोग के लिए जानी जाती है, जिसे अब लखनऊ के लोग करीब से देख पाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में कालीघाट पटचित्र प्रदर्शनी कहाँ और कब से लगी है?
यह प्रदर्शनी 12 जून 2026 से लखनऊ की कोकोरो आर्ट गैलरी में शुरू हुई है, जिसका उद्घाटन पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने किया।
इस प्रदर्शनी में कौन से कलाकार की पेंटिंग्स हैं?
इस प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पारंपरिक लोकचित्रकार मनोरंजन चित्रकार की लगभग 50 कृतियां प्रदर्शित की गई हैं।