UP: लखनऊ के काकोरी में 28 मई, 2026 को माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर एक खास जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद माहवारी से जुड़ी शर्म और सामाजिक
UP: लखनऊ के काकोरी में 28 मई, 2026 को माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर एक खास जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद माहवारी से जुड़ी शर्म और सामाजिक गलतफहमियों को दूर करना था ताकि महिलाएं खुलकर अपनी सेहत पर बात कर सकें।
UP के स्कूलों में अब कैसे काम करेंगे MHM क्लब?
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ‘माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (MHM) क्लब’ बनाने का आदेश दिया है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसके निर्देश जारी किए हैं। इन क्लबों में 10-12 छात्राएं पीयर लीडर बनेंगी और हर 15 दिन में बैठक करेंगी। इन बैठकों में छात्राओं को सुरक्षित स्वच्छता तरीकों और आयरन युक्त खाने के महत्व के बारे में बताया जाएगा।
छात्राओं के लिए पैड बैंक और डॉक्टरों की मदद
सरकारी स्कूलों में अब ‘पैड बैंक’ बनाए जाएंगे, जिससे जरूरत पड़ने पर छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड मिल सकेंगे। साथ ही, माहवारी से जुड़े भ्रम दूर करने के लिए हर महीने ‘MHM संवाद’ होगा। इसमें डॉक्टर या ANM शामिल होंगे और माताओं को भी बुलाया जाएगा ताकि वे सही जानकारी ले सकें। यह पूरा कदम सुप्रीम कोर्ट के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार मामले में आए फैसले के बाद उठाया गया है।
लखनऊ और आसपास अन्य जगहों पर क्या हुआ?
काकोरी के अलावा लखनऊ की मलिन बस्तियों में HCL फाउंडेशन के ‘आओ बातें करें’ कार्यक्रम के तहत पोस्टर मेकिंग और कार्ड गेम के जरिए जागरूकता फैलाई गई। वहीं, 27 मई को बाराबंकी के मसौली स्थित देवकलिया गाँव में वात्सल्य संस्था ने कार्यक्रम किया। रामपुर गार्डन के अर्बन हेल्थ सेंटर पर भी रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज की टीम ने लोगों को जागरूक किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MHM क्लब का मुख्य उद्देश्य क्या है?
MHM क्लब का उद्देश्य छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, सैनिटरी पैड के सही उपयोग और आयरन युक्त आहार के महत्व के बारे में शिक्षित करना है।
स्कूलों में पैड बैंक की क्या सुविधा होगी?
स्कूलों में पैड बैंक स्थापित किए जाएंगे ताकि छात्राओं को आपात स्थिति में निःशुल्क सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा सकें।