Lucknow Junction समेत 18 स्टेशनों पर लागू होगी स्मार्ट मॉनिटरिंग प्रणाली, ‘IR Niyantrak’ ऐप से होगी बिजली की बचत

UP/Lucknow: लखनऊ जंक्शन और मंडल के 17 अन्य स्टेशनों पर अब बिजली की बर्बादी रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इसके लिए ‘आईआर नियंत्रक’ (IR Niyantrak) नाम का एक डिजिटल ऐप

UP/Lucknow: लखनऊ जंक्शन और मंडल के 17 अन्य स्टेशनों पर अब बिजली की बर्बादी रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इसके लिए ‘आईआर नियंत्रक’ (IR Niyantrak) नाम का एक डिजिटल ऐप तैयार किया है। इस सिस्टम से स्टेशन पर लगे बिजली के उपकरणों को एक ही जगह से कंट्रोल किया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा की बचत होगी और पर्यावरण को फायदा पहुंचेगा।

पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता धनंजय मिश्रा ने बताया कि इस पूरी प्रणाली पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह ऐप सेंसर पर आधारित है और स्टेशन के सभी उपकरणों को CRIS के क्लाउड सर्वर से जोड़ता है। इससे कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी यह देख सकेंगे कि कौन सा पंखा या लाइट चालू है और किसे बंद करने की जरूरत है।

इस स्मार्ट सिस्टम की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विशेषता विवरण
कुल स्टेशन लखनऊ जंक्शन समेत 18 स्टेशन
प्रणाली का नाम आईआर नियंत्रक (IR Niyantrak) ऐप
कुल लागत लगभग ₹3 करोड़
मुख्य उद्देश्य 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य
कंट्रोल क्षमता 30-70% तक लाइट कंट्रोल (NTES के साथ एकीकृत)
निगरानी उपकरण पंखे, लाइट, AC, लिफ्ट और एस्केलेटर

यह सिस्टम नेशनल ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) से भी जुड़ा होगा। इसका मतलब है कि ट्रेनों के आने और जाने के समय के हिसाब से स्टेशन की लाइटें अपने आप चालू या बंद हो सकेंगी। इससे मानवीय निर्भरता कम होगी और बिजली की काफी बचत होगी।

शुरुआती चरण में इसे लखनऊ जंक्शन और गोरखपुर जैसे बड़े स्टेशनों के साथ-साथ अमृत भारत योजना के तहत बनने वाले स्टेशनों पर लगाया जा रहा है। इसके बाद इसे वाराणसी और इज्जतनगर मंडलों के स्टेशनों तक भी बढ़ाया जाएगा। रेलवे अब सुरक्षा और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए AI और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रहा है।