UP : लखनऊ के ऐशबाग स्थित जलकल विभाग के महाप्रबंधक कार्यालय में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब लखनऊ मंडलायुक्त Vijay Vishwas Pant अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। इस औचक निरीक्षण में विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिस
UP : लखनऊ के ऐशबाग स्थित जलकल विभाग के महाप्रबंधक कार्यालय में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब लखनऊ मंडलायुक्त Vijay Vishwas Pant अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। इस औचक निरीक्षण में विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निरीक्षण में क्या-क्या कमियां मिलीं
मंडलायुक्त ने जब कागजों की जांच की तो पाया कि 232 शिकायतें डिफॉल्टर थीं, यानी उन पर कोई काम नहीं हुआ था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कई शिकायतों का फर्जी तरीके से निस्तारण दिखा दिया गया था, जबकि असल में समस्या वैसी ही बनी हुई थी। दफ्तर में अनुशासन की भारी कमी दिखी और लंबित शिकायतों का अंबार लगा मिला।
सीवर व्यवस्था और ऑफिस का हाल
निरीक्षण के दौरान शहर की सीवर व्यवस्था की बदहाल स्थिति भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। अधिकारी ने पाया कि ऑफिस में अनुशासन का पालन नहीं हो रहा है और काम करने के तरीके में काफी खामियां हैं। इस लापरवाही के बाद अब विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ जलकल विभाग के निरीक्षण में कितनी शिकायतें लंबित मिलीं?
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के निरीक्षण में कुल 232 शिकायतें डिफॉल्टर पाई गईं और कई शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया गया था।
निरीक्षण किसने और कहां किया?
यह निरीक्षण लखनऊ मंडलायुक्त Vijay Vishwas Pant द्वारा बुधवार, 10 जून 2026 को ऐशबाग स्थित जलकल विभाग के महाप्रबंधक कार्यालय में किया गया।