UP : लखनऊ जिला जेल में बंद 45 कैदियों के लिए अच्छी खबर आई है। एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन बंदियों को सर्टिफिकेट दिए गए हैं। साथ ही, सरकार की ओर से उन्हें 5100 रुपये का मानदेय भी मिला है, ताकि वे भविष्य
UP : लखनऊ जिला जेल में बंद 45 कैदियों के लिए अच्छी खबर आई है। एक महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन बंदियों को सर्टिफिकेट दिए गए हैं। साथ ही, सरकार की ओर से उन्हें 5100 रुपये का मानदेय भी मिला है, ताकि वे भविष्य में अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
यह ट्रेनिंग और योजना क्या है?
यह पूरा प्रशिक्षण भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन केंद्रीय रेशम बोर्ड की ‘समर्थ योजना’ के तहत चलाया गया था। इस योजना का मुख्य मकसद लोगों को हुनरमंद बनाना है। यह ‘सिल्क समग्र-2’ नाम की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसे कैबिनेट ने जनवरी 2022 में मंजूरी दी थी। इस ट्रेनिंग के जरिए बंदियों को रेशम उद्योग से जुड़ा काम सिखाया गया है।
योजना का बजट और यूपी को मिला फायदा
सिल्क समग्र-2 योजना के तहत मार्च 2026 तक कुल 4,424.90 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था, जिसमें से 4,390.68 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। फरवरी 2026 तक इस योजना से 1,12,385 लोग लाभान्वित हुए हैं, जिनमें 65,566 रेशम किसान शामिल हैं। उत्तर प्रदेश को इस पूरी योजना के तहत 89.05 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
जेल सुधारों की दिशा में अन्य कदम
यूपी की जेलों में बंदियों को सुधारने के लिए कई नए प्रयोग हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 मई 2026 को छोटे अपराधियों के लिए ‘ओपन जेल’ मॉडल लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, 28 मई 2026 को महिला बंदियों की सेहत और स्वच्छता के लिए ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ की शुरुआत भी की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बंदियों को कितना मानदेय और कौन सा सर्टिफिकेट मिला?
लखनऊ जेल के 45 बंदियों को 30 दिन की ट्रेनिंग के बाद 5100 रुपये का मानदेय मिला। उन्हें केंद्रीय रेशम बोर्ड और वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार का प्रमाण पत्र दिया गया।
समर्थ योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
समर्थ योजना का उद्देश्य देश भर में कौशल उन्नयन (Skill Upgradation) प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि लोग आत्मनिर्भर बन सकें। यह सिल्क समग्र-2 योजना का एक हिस्सा है।