UP: लखनऊ में ISKCON द्वारा आयोजित ‘जीवन यात्रा चर्चा’ संगोष्ठी का पहला दिन 30 मई, 2026 को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें जीवन की मुश्किलों से लड़ने का
UP: लखनऊ में ISKCON द्वारा आयोजित ‘जीवन यात्रा चर्चा’ संगोष्ठी का पहला दिन 30 मई, 2026 को संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें जीवन की मुश्किलों से लड़ने का तरीका बताना था। पूरा आयोजन बहुत ही आध्यात्मिक और सकारात्मक माहौल में पूरा हुआ।
युवाओं में बढ़ता तनाव और मानसिक अशांति
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता और मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने युवाओं से बात की। उन्होंने बताया कि आजकल का युवा वर्ग अवसाद, चिंता और मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। प्रभु ने कहा कि इस अशांति के कारण युवाओं के जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है और उन्हें इससे बाहर निकलने के लिए सही मार्गदर्शन की जरूरत है।
संगोष्ठी का आयोजन और मुख्य उद्देश्य
इस्कॉन लखनऊ ने इस खास चर्चा का आयोजन किया ताकि युवाओं को मानसिक शांति के उपाय बताए जा सकें। पहले दिन के सत्र में आध्यात्मिक ज्ञान के जरिए तनाव कम करने और सकारात्मक सोच अपनाने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातों को समझा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस्कॉन लखनऊ की ‘जीवन यात्रा चर्चा’ संगोष्ठी कब हुई?
इस संगोष्ठी का पहला दिन 30 मई, 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा की गई।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता कौन थे और उन्होंने क्या कहा?
मुख्य वक्ता मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग अवसाद, चिंता और मानसिक अशांति जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है।