UP: लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर नकली IPL टिकट बेचकर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया
UP: लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर नकली IPL टिकट बेचकर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और सोशल मीडिया से असली टिकटों की फोटो निकालकर उन्हें हूबहू कॉपी करते थे।
कैसे किया गया फर्जी टिकटों का निर्माण
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने टिकटों को असली जैसा दिखाने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया। उन्होंने AI से टिकट के सही आकार, डिजाइन और कागज की क्वालिटी की जानकारी जुटाई। इसके बाद CorelDraw सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट डिजाइन किए गए और उन्हें 170-जीएसएम शीट पर प्रिंट किया गया ताकि छूने में वे असली लगें।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या था तरीका
गिरफ्तार किए गए चारों लोग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के निवासी हैं। इनमें श्रीकांत बोरकर (30), नूतन कुमार साहू (28), राजेंद्र चौधरी (29) और विश्वजीत साहू (22) शामिल हैं। विश्वजीत एक 2D/3D डिजाइनर है, जो एडिटिंग का काम संभालता था। यह गिरोह उन शहरों में जाता था जहां मैच होने वाले थे और स्टेडियम के बाहर सस्ते टिकट ढूंढ रहे फैंस को निशाना बनाकर UPI के जरिए पैसे वसूलता था।
मामला कैसे आया सामने
जालोन के रहने वाले प्रदीप सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने स्टेडियम के बाहर से 1000 रुपये में दो टिकट ऑनलाइन खरीदे थे, जो बाद में फर्जी निकले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक तंगी और नया ऑफिस खोलने के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने यह रास्ता चुना।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गिरोह ने नकली टिकट बनाने के लिए किन टूल्स का इस्तेमाल किया?
आरोपियों ने टिकट के डिजाइन और पेपर क्वालिटी की जानकारी के लिए ChatGPT का उपयोग किया और एडिटिंग के लिए CorelDraw सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया।
गिरफ्तार आरोपियों का संबंध किस राज्य से है?
पकड़े गए चारों आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं।