UP: लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैच देखने आए लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर-दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो ChatGPT और कोरल ड्रॉ सॉफ्टवेयर की मदद से एक
UP: लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैच देखने आए लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर-दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो ChatGPT और कोरल ड्रॉ सॉफ्टवेयर की मदद से एकदम असली दिखने वाले फर्जी टिकट बनाकर बेच रहे थे। यह पूरा खेल सोशल मीडिया और सस्ते टिकटों के लालच पर आधारित था।
कैसे बनाया गया फर्जी टिकटों का जाल?
गिरफ्तार आरोपियों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब से असली टिकटों की फोटो निकालीं। टिकट का साइज और कागज की क्वालिटी जानने के लिए उन्होंने ChatGPT का इस्तेमाल किया। इसके बाद कोरल ड्रॉ सॉफ्टवेयर से नकली टिकट तैयार किए गए। ये लोग स्टेडियम के बाहर और ऑनलाइन कम दाम में टिकट बेच रहे थे और पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल करते थे।
कैसे पकड़ा गया यह गिरोह और क्या हुआ बरामद?
जालौन के रहने वाले प्रदीप सिंह ने स्टेडियम के बाहर 1,000 रुपये में दो टिकट खरीदे थे। जब वे गेट पर पहुंचे तो टिकट फर्जी निकले, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू को दबोचा।
| बरामद सामान |
विवरण |
| फर्जी टिकट |
15 तैयार और 14 अधछपे टिकट |
| इलेक्ट्रॉनिक सामान |
लैपटॉप और 4 मोबाइल फोन |
| अन्य सामग्री |
170 GSM पेपर शीट, पेपर कटर, एटीएम कार्ड |
| वाहन |
एक Ritz कार |
पैसे की तंगी और दिल्ली में भी की थी कोशिश
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने नया ऑफिस खोलने और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए यह रास्ता चुना था। इससे पहले 4 मई को इन्होंने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश की थी, लेकिन बारकोड मैच न होने की वजह से वे वहां नाकाम रहे थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि टिकट सिर्फ BCCI के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फर्जी टिकटों की पहचान कैसे हुई?
एक व्यक्ति ने स्टेडियम के बाहर से टिकट खरीदे थे, लेकिन जब वह इकाना स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर पहुंचा तो टिकट फर्जी पाए गए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
आरोपी फर्जी टिकट बनाने के लिए किन टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे?
आरोपियों ने टिकट की तकनीकी जानकारी और कागज की क्वालिटी के लिए ChatGPT का उपयोग किया और डिजाइनिंग के लिए कोरल ड्रॉ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया।